कुरुक्षेत्र, 29 सितंबर किसानों ने धान की खरीद में देरी और सरकारी विभागों तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय नहीं होने का आरोप लगाते हुए हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले की विभिन्न मंडियों में लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन किया।
खरीद प्रक्रिया में समस्याओं को लेकर करनाल जिले में भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।
राज्य सरकार ने रविवार को करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में खरीद की शुरुआत की जबकि अन्य जिलों में यह प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हुई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को शाम में कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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खट्टर ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि अगर कोई किसान मंडी में 10 प्रतिशत अधिक धान लाता है तो उसे भी खरीदा जाए।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 25 क्विंटल की सीमा को बढ़ाकर 33 क्विंटल कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने खरीद करने वाली एजेंसियों से कहा कि खरीदा हुआ धान बुधवार से उठा लिया जाए।
उन्होंने कपास, मूंग, मक्का और बाजरे की खरीद की भी समीक्षा की।
इससे पहले दिन की शुरुआत में आक्रोशित किसानों ने कुरुक्षेत्र, पीपली, पेहोवा और लाडवा में राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
यश अविनाश
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