जरुरी जानकारी | हैंड-टूल विनिर्माताओं ने सरकार से मांगी मदद
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नयी दिल्ली, नौ जून हैंड टूल्स एसोसिएशन ने इंजीनियरिंग वस्तुओं के स्थानीय विनिर्माण और इनके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार को कर प्रोत्साहन, आधुनिक बुनियादी ढाँचा और पूंजीगत सहायता किए जाने का सुझाव दिया है।
हैंड टूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कूहा कि सरकार की ओर से आक्रामक बढ़ावा और उच्च मूल्यवान इंजीनियरिंग सामानों के स्थानीय विनिर्माण के लिए रिवर्स इंजीनियरिंग आधारित शोध एवं विकास (आरएंडडी) पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।एसोसिएशन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों का मंच है।
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रल्हन ने कहा कि चीन कई कारणों से दुनिया के देशों का कारखाना बन गया। उसने उद्यमियों को सस्ते भूखंड/शेड आदि के जरिए उद्योगों को मजबूत समर्थन दिया गया तथा आधुनिकीकरण, आंतरिक बुनियादी ढांचे के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘कोविद 19 महामारी के कारण वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, यदि भारत को चीन की विनिर्माण प्रगति की बराबरी करनी है, तो सरकार को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और विदेशी पोर्टफोलिो निवेश (एफपीआई) के जरिये भारत में निवेश करने के लिए विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने तथा एमएसएमई क्षेत्र पर ध्यान केन्द्रित करने के अलावा उच्च मूल्यवाले इंजीनियरिंग सामानों के स्थानीय विनिर्माण का समर्थन देना होगा।’’
इसके अलावा कुछ अन्य सुझाए गए हैं जिनमें संयंत्रों को आधुनिक बनाने के लिए मशीनरी का शुल्क मुक्त आयात, पांच साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण या ब्याज अनुदान, स्वदेशी संयंत्र और मशीनरी की खरीद पर 10 प्रतिशत सब्सिडी, कम से कम 5 साल चलने वाली निर्यात नीति लागू करना निर्यातक लंबी अवधि की योजना बना सकें, संयंत्र का विस्तार काम को अंजाम देने जा रही मौजूदा इकाइयों को आयकर राहत तथा निर्यात परियोजना के लिए भूमि खरीद पर सब्सिडी देने जैसे सुझाव शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलंबिया, इक्वाडोर, पराग्वे और डोमिनिक रिपब्लिक ने एक अस्थायी उपाय के रूप में इंजीनियरिंग उत्पादों के आयात शुल्क में कमी की है और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भारत इसका लाभ उठा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक इंजीनियरिंग वस्तुओं के विनिर्माण को सुविधाजनक बनाने के लिए योजनायें तैयार करना समय की मांग है, जिससे रोजगार पैदा करने और अर्थव्यवस्था में पुनरुत्थान और विकास के बेहतरीन अवसर मिल सकेंगे।
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