त्रिसूर (केरल), 13 जुलाई गुरुवयूर श्री कृष्ण मंदिर के भंडार में मौजूद चांदी की सदियों पुरानी वस्तुओं को सोने में परिवर्तित किया जाएगा।
यह कोई चमत्कार नहीं है बल्कि मंदिर प्रबंधन की रचनात्मक योजना है जिसमें वर्षों से अप्रयुक्त संपत्ति का उपयोग किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि भक्तों द्वारा दान किए गए गहने, बर्तन और अन्य वस्तुओं को मंदिर परिसर में एक कमरे में रखा गया है।
मंदिर प्रबंधन निकाय गुरुवयूर देवास्वोम ने भारत सरकार की हैदराबाद स्थित टकसाल के साथ एक समझौता किया है जिसमें चांदी की पांच टन से अधिक वस्तुओं को चांदी की ईंटों में बदला जाएगा।
टकसाल में चांदी की वस्तुओं को ईंटों में बदलने से पहले शुद्ध किया जाएगा।
देवास्वोम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चांदी की ईंटों को भारत सरकार की मुंबई टकसाल में भेजा जाएगा और इनके बदले समान सोने की ईंटें ली जाएंगी।
उन्होंने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सोने की ईंटों को मुंबई में भारतीय स्टेट बैंक की सर्राफा शाखा में जमा किया जाएगा।
देवास्वोम के उच्च अधिकारी ने पीटीआई- को बताया, '' देवास्वोम के निर्णय के अनुसार, मंदिर प्रशासन ने एक दिन पहले हैदराबाद स्थित टकसाल के साथ एक समझौता किया।''
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