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गुरदेव कौर : धुंधली आंखों, कांपते हाथों से जरूरतमंदों के लिए बनाती हैं मास्क

इस मुश्किल समय में लोगों को अपने घरों में रहने और सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने की सलाह देते हुए गुरदेव कौर कहती हैं, ‘‘बीमारी से बच सकते हो तो बचो। सरकार जो कुछ कहती है, हमारी भलाई के लिए कहती है। अपने घरों में रहो, भगवान का नाम लो और अगर किसी की मदद कर सकते हो तो जरूर करो।’’

गुरदेव कौर : धुंधली आंखों, कांपते हाथों से जरूरतमंदों के लिए बनाती हैं मास्क
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पंजाब के मोगा शहर में अकालसर रोड पर रहने वाली गुरदेव कौर धालीवाल की एक आंख की रौशनी धुंधला चुकी है और दूसरी आंख में भी 25 बरस पहले आपरेशन कराया था। कांपते हाथों से वह 100 साल पुरानी मशीन पर जब मास्क बनाने बैठती हैं तो मानवता की सेवा के अलावा उन्हें और कुछ याद नहीं रहता।

इस मुश्किल समय में लोगों को अपने घरों में रहने और सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने की सलाह देते हुए गुरदेव कौर कहती हैं, ‘‘बीमारी से बच सकते हो तो बचो। सरकार जो कुछ कहती है, हमारी भलाई के लिए कहती है। अपने घरों में रहो, भगवान का नाम लो और अगर किसी की मदद कर सकते हो तो जरूर करो।’’

मास्क बनाने के सिलसिले की शुरूआत के बारे में पूछने पर गुरदेव कौर बताती हैं ‘‘ गली में सब्जी, दूध, फल बेचने के लिए आने वालों से जब मैंने पूछा कि उन्होंने मास्क क्यों नहीं पहना तो उन्होंने बताया कि उनके पास मास्क खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। यह भी कहा जा रहा था कि बीमारी से बचना है तो मास्क पहनना जरूरी है। मुझे मास्क बनाने आते थे । मैंने 100 साल पुरानी मशीन जो मेरे ससुरालवाले सिंगापुर से लाए थे, वह निकाली और मास्क सिलने शुरू कर दिए।

गुरदेव कौर की बहू अमरजीत कौर बताती हैं कि उनकी सास की एक आंख में रौशनी नहीं है, चलने के लिए उन्हें वॉकर का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन उनका सेवा भाव देखकर हमारा भी हौंसला बढ़ता है। वह सुबह पूजा करने के बाद मास्क की सिलाई के काम में लग जाती हैं और कई बार बिना रूके आठ घंटे तक मशीन पर उनके हाथ चलते रहते हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरदेव कौर के जज्बे को सलाम करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की और उन्हें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबसे बहादुर यौद्धा करार दिया।

अमरजीत कौर ने बताया कि उनका परिवार पिछले तीन सप्ताह में दो हजार से अधिक मास्क बनाकर लोगों में वितरित कर चुका है। अब आसपास के लोगों को पता चल गया है तो लोग मास्क लेने के लिए आने लगे हैं। इसके अलावा कुछ लोग इस सेवा कार्य में योगदान देने के लिए कपड़ा भी दे जाते हैं। परिवार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को मास्क देकर कोरोना से बचाया जाए।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2020 10:35 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).