देश की खबरें | गुजरात उच्च न्यायालय ने गोली चलाने के मामले में आप विधायक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात उच्च न्यायालय ने नर्मदा जिले में वन अधिकारियों को कथित तौर पर धमकाने और गोलियां चलाने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक चैतर वसावा की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
अहमदाबाद, चार दिसंबर गुजरात उच्च न्यायालय ने नर्मदा जिले में वन अधिकारियों को कथित तौर पर धमकाने और गोलियां चलाने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक चैतर वसावा की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
स्थानीय आदिवासियों द्वारा वन भूमि का इस्तेमाल खेती के लिए किए जाने को लेकर विवाद के दौरान यह घटना हुई थी।
न्यायमूर्ति जे सी दोशी ने वसावा द्वारा अपने वकील के माध्यम से दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि विधायक के पास वन विभाग के दो अधिकारियों को अपने घर पर बुलाने और उक्त जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे को हल करने के लिए ‘‘समानांतर अदालत’’ चलाने का अधिकार नहीं था।
उच्च न्यायालय ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि जिन लोगों को वन विभाग के अधिकारियों से शिकायत थी, उन्हें मुद्दे के समाधान के लिए विधायक के बजाय अदालत का रुख करना चाहिए था।
न्यायमूर्ति दोशी ने कहा, ‘‘उन्हें (वसावा) के पास वन अधिकारियों को अपने घर पर बुलाने का कोई अधिकार नहीं था और उन्हें समानांतर अदालत नहीं चलानी चाहिए थी। अगर किसी को कोई समस्या है, तो उसे अदालत में जाना चाहिए।’’
डेडियापाड़ा सीट से विधायक वसावा, उनकी पत्नी, निजी सचिव और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ वन विभाग के अधिकारियों को धमकी देने और डेडियापाड़ा स्थित उनके आवास पर अपनी पिस्तौल से हवा में गोली चलाने के आरोप में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद से विधायक फरार हैं।
मामले में वसावा की पत्नी, निजी सचिव और प्राथमिकी में नामजद एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
यह विवाद तब पैदा हुआ जब वन विभाग ने निजी पक्षों द्वारा खेती के लिए वन भूमि के उपयोग पर आपत्ति जताई। घटना 30 अक्टूबर की रात को हुई और दो नवंबर को डेडियापाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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