देश की खबरें | दुर्गम इलाकों में सड़कों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिये 27 इस्पात पुलों का निर्माण करेगी जीआरएसई

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कोलकाता, 17 मार्च सार्वजनिक क्षेत्र का रक्षा उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के लिए 27 डबल-लेन मॉड्यूलर स्टील पुल का निर्माण करेगा, जिससे दुर्गम इलाकों में सड़कों के बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलेगी। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यहां यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इन पुलों को जीआरएसई द्वारा स्वदेशी रूप डिजाइन किया गया है और सभी घटकों का निर्माण 100 प्रतिशत स्वदेशी कच्चे माल से किया गया है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में डबल-लेन मॉड्यूलर स्टील पुलों के निर्माण, आपूर्ति, स्थापना और उद्घाटन के लिए बीआरओ और जीआरएसई के बीच 65 करोड़ रुपये के दो साल के अनुबंध के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि इस तरह के पहले पुल का निर्माण सिक्किम के डोकलाम इलाके के फ्लैगहिल में 11,000 फीट की ऊंचाई पर बीआरओ की स्वास्तिक परियोजना के तहत किया गया था और इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 दिसंबर, 2021 को किया था।

अधिकारी ने कहा कि जीआरएसई कंपनी युद्धपोत के निर्माण के अलावा इस तरह के पुल भी बनाती है और वह भारतीय थलसेना के लिये 5,300 से ज्यादा पोर्टेबल यानी एक स्थान से दूसरे थान पर ले जाए जाने वाले पुल बना चुकी है।

उन्होंने बताया कि बीआरओ और राज्य सरकारें मित्रवत उन्हें नेपाल, भूटान, श्रीलंका और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में निर्यात करती रही हैं।

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