देश की खबरें | हरित पटाखों में क्यूआर कोडिंग प्रणाली होगी : कर्नाटक सरकार
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बेंगलुरू, 13 नवंबर कनार्टक सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि इस साल बेचे जाने वाले पटाखों में क्यूआर कोडिंग प्रणाली की एक नयी विशेषता होगी जिससे नकली उत्पाद बनाकर न बेचे जा सकें।
दीपावली के दौरान प्रदूषण से बचने के लिये हरित पटाखे बाजार में उतारे गये हैं। हानिकारक रसायनों से बने पटाखे कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की श्वसन प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं और उनके लिये घातक हो सकते हैं।
आदेश के अनुसार हरित पटाखों के पैकेटों की पहचान सीएसआईआर—नीरी के हरे रंग के लोगो, पेसो एवं क्विक रिस्पांस (क्यूआर) कोडिंग प्रणाली के माध्यम से की जा सकती है।
इसमें कहा गया है, ''पटाखों के नकली उत्पादों से बचने के लिये इसमें क्यूआर कोडिंग प्रणाली का नया फीचर जोड़ा गया है। इससे ग्रीन पटाखों एवं परंपरागत पटाखों की पहचान करने में सुविधा होगी।''
पयार्वरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हरित पटाखों में हानिकारक रसायनिक पदार्थ नहीं होते हैं और इस कारण वायु प्रदूषण कम होता है। इसके अलावा ये पटाखे परंपरागत पटाखों से कम हानिकारक होते हैं।
सरकार ने कहा है कि हरित पटाखे 16 नवंबर तक बेचे जायेंगे ।
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