बंदरगाह कर्मचारियों की कोविड- 19 से मौत पर 50 लाख रुपये का मुआवजा देगी सरकार
सरकार ने कहा है कि कोविड- 19 के कारण मृत्यू होने पर मुआवजे की यह घोषणा 30 सितंबर 2019 तक के लिये है। उसके बाद स्थिति की समीक्षा की जायेगी।
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल सरकार ने बंदरगाहों पर काम करने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमण होने से मौत होने पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मंगलवार को घोषणा की।
सरकार ने कहा है कि कोविड- 19 के कारण मृत्यू होने पर मुआवजे की यह घोषणा 30 सितंबर 2019 तक के लिये है। उसके बाद स्थिति की समीक्षा की जायेगी।
जहाजरानी मंत्रालय ने इस संबंध में एक वक्तव्य जारी करते हुये कहा है, ‘‘बंदरगाह द्वारा सीधे अनुबंध पर रखे गये और अन्य ठेका कर्मचारी सहित सभी बंदरगाह कर्मचारियों को यह सुविधा उपलब्ध होगी।’’
मंत्रालय के वक्तव्य में कहा गया है कि सभी प्रमुख बंदरगाह कोरोना वायरस संक्रमण से किसी कर्मचारी की मौत होने की स्थिति में उनके कानूनी वारिस को मुआवजा अथवा अनुग्रह राशि उपलब्ध करायेंगे।
वक्तव्य में कहा गया है कि इस मामले में संबंधित बंदरगाह का चेयरमैन सक्षम प्राधिकरण होगा। कोविड- 19 से मृत्यू की वैधता जांचने और मुआवजा अथवा अनुग्रह राशि का दावा करने अथवा उसका वितरण करने के मामले में भी बंदरगाह चेयरमैन ही सक्षम प्राधिकरण होगा।
इसमें कहा गया है कि यह मुआवजा केवल कोरोना वायरस के मामले में ही लागू होगा और यह प्रावधान 30 सितंबर 2020 तक लागू रहेगा।
देश में -दीनदयाल (पूर्व में कांडला), मुंबई, जेएनपीटी, मुर्मगांव, न्यू मंगलूरू, कोचीन, चेन्नई, कामराजार (पूर्व में एन्नोर), वीओ चिदम्बारनार, विशाखापत्तनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) -- 12 प्रमुख बंदरगाह हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 08:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

