देश की खबरें | ममता के बीएसएफ संबंधी निर्देश पर राज्यपाल की टिप्पणी संघीय भावना के खिलाफ : टीएमसी सांसद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को लेकर हालिया निर्देश पर अपनी टिप्पणी से संघवाद के सिद्धांतों की अवहेलना की है।
कोलकाता, 10 दिसंबर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को लेकर हालिया निर्देश पर अपनी टिप्पणी से संघवाद के सिद्धांतों की अवहेलना की है।
राय ने अपने पत्र में कहा कि धनखड़ को यह पता होना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय सीमा भारत के 50 किलोमीटर भीतर तक नहीं होती और कानून एवं व्यवस्था राज्य का मामला होता है।
टीएमसी सांसद ने राज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आपके भड़काऊ बयान ने इस प्रकार से संघवाद के सिद्धांत को नकार दिया है जो भारत के संविधान की एक बुनियादी संरचना है।’’
मुख्यमंत्री ने राज्य में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से 50 किमी तक बढ़ाने के केंद्र के फैसले को अस्वीकार कर दिया है। ममता ने हाल ही में कुछ सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों से बिना अनुमति के गांवों में बीएसएफ कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाने को कहा है।
राज्यपाल ने इसके जवाब में कहा है कि मुख्यमंत्री का यह रुख संघीय राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘‘संभावित रूप से खतरनाक’’ हो सकता है।
टीएमसी सांसद ने कहा,‘‘ संविधान की खुलेआम अवहेलना करते हुए इस तरह के बयान देना राज्यपाल के पद पर आसीन व्यक्ति को शोभा नहीं देता।’’
मुख्यमंत्री को बृहस्पतिवार को लिखे पत्र में धनखड़ ने बनर्जी से अपील की कि त्वरित उपयुक्त कदम उठाएं और जनहित एवं राष्ट्रीय हित में मुद्दे का समाधान करें।
धनखड़ ने पत्र में लिखा, ‘‘सात दिसंबर को गंगा रामपुर में प्रशासनिक बैठक के दौरान बीएसएफ को लेकर दिए गए आपके निर्देश से काफी चिंतित हूं जिसमें ‘बीएसएफ को 15 किलोमीटर के दायरे में अनुमति दी गई है वह भी राज्य पुलिस की अनुमति से।’’
इस पत्र को उन्होंने ट्विटर पर भी साझा किया है जिसमें उन्होंने लिखा है, ‘‘यह कानून के अनुरूप नहीं है या हाल में केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक नहीं है जिसमें बीएसएफ को राज्य में अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर की दूरी तक किया गया था। आपके रूख से खराब संकेत गए हैं और संघीय राजनीति एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह संभावित खतरा है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)