देश की खबरें | पंजाब के राज्यपाल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे, लक्ष्मण रेखा ना लांघें : आप

चंडीगढ़/नयी दिल्ली, 24 सितंबर पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के खिलाफ हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहे हैं।

इस बीच, नयी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने उनसे कहा कि वह अपनी सीमा का ध्यान रखें और ‘लक्ष्मण रेखा नहीं लांघें।’

राज्यपाल कार्यालय की ओर से इसके पहले 27 सितंबर को प्रस्तावित विधानसभा सत्र में किये जाने वाले विधायी कार्यों का ब्योरा मांगा गया था, जिसके बाद यह ताजा हमला किया गया।

गत 22 सितंबर को ‘विश्वास प्रस्ताव’ लाए जाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने से सरकार को रोकने के बाद से पुरोहित आलोचनाओं से घिर गये थे।

आप नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि उनकी सरकार कोई टकराव नहीं चाहती, लेकिन यदि कोई सत्ताधारी दल को इसके संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल से रोकता है, तो यह अस्वीकार्य होगा।

चंडीगढ़ में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अरोड़ा ने पुरोहित पर 22 सितंबर को प्रस्तावित विशेष सत्र को रद्द करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने ऐसा भाजपा नीत केंद्र सरकार की पहल पर किया ताकि पार्टी के ‘ऑपरेशन लोटस’ को सफल बनाया जा सके।

अरोड़ा ने आरोप लगाया कि राज्यपाल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।

अरोड़ा ने कहा, ‘‘कल एक शर्मनाक वाकया हुआ, जो पिछले 75 साल के इतिहास में नहीं हुआ। राज्यपाल ने विधायी कार्यों के बारे में जानने के वास्ते पंजाब सरकार के लिए एक नया पत्र जारी किया।’’

अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पंजाब में भाजपा के दो विधायक हैं और कांग्रेस उसका समर्थन कर रही है। अरोड़ा ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि केंद्र ने विपक्ष की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी राज्यपाल को दे दी है, जिसके कारण हर दिन पत्र जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अरोड़ा ने कहा कि सदन के विधायी कार्यों की सूची राज्यपाल को भेजने का कोई प्रावधान नहीं है। अरोड़ा ने कहा, ‘‘सदन का इस पर 100 फीसदी अधिकार है। चुने गये जनप्रतिनिधि सदन की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) के सदस्य होते हैं, जिसके अध्यक्ष विधानसभा अध्यक्ष होते हैं। इस मामले में राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि 117 विधायक सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा और समाधान करना चाहते हैं तो वह क्यों डर रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-भाजपा सरकारों वाले राज्यों में राज्यपाल निवास ‘‘साजिश रचने’’ के स्थान बन गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में, जहां ‘आप’ सत्ता में है, उपराज्यपाल विपक्ष की तरह काम कर रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य सरकार राज्यपाल द्वारा मांगी गई जानकारी मुहैया कराएगी, अरोड़ा ने कहा कि इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कानूनी परामर्श करने के बाद लिया जाएगा।

क्या विश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा, उन्होंने इसका सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, ‘‘बस इसके लिए प्रतीक्षा करें। जो कुछ भी होगा वह आपके सामने होगा।’’

यह पूछे जाने पर कि राज्यपाल ने यदि सत्र आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया तो क्या कदम उठाया जायेगा, अरोड़ा ने कहा, ‘‘उन्हें ऐसा करने दें, हम उसके अनुसार योजना बनाएंगे।’’

एक सवाल के जवाब में अरोड़ा ने राज्यपाल से अपनी भूमिका निभाने और विधायकों के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा।

उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार, राज्यपाल एक सत्र आयोजित करने के लिए मंत्रिमंडल की सिफारिश को मंजूरी देते हैं और फिर सत्र से पहले, कार्यमंत्रणा समिति चर्चा किए जाने वाले मुद्दों के बारे में निर्णय लेती है।

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