नयी दिल्ली, 20 सितम्बर जनता दल (यूनाइटेड) ने ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सरकार का ‘जुमला’ करार देते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि यह विधेयक कुछ और नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर ‘पैनिक रिएक्शन’ (घबराकर उठाया गया कदम) है।
जदयू के सदस्य राजीव रंजन सिंह ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने के प्रावधान वाले ‘संविधान (एक सौ अट्ठाईसवां संशोधन) विधेयक, 2023’ पर निचले सदन में जारी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, ‘‘हमारी पार्टी विधेयक का समर्थन करती है, क्योंकि हम महिला सशक्तीकरण में विश्वास रखते हैं। लेकिन यह सरकार का 2024 का चुनावी जुमला है।’’
सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने 2014 में लाखों बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा करके छला, 15 लाख रुपये प्रत्येक व्यक्ति के खाते में डालने का वायदा करके गरीबों को छला। उन्होंने कहा, ‘‘यह विधेयक कुछ और नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का ‘पैनिक रिएक्शन’ है।’’
उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना नहीं कराना इस सरकार की मंशा का स्पष्ट संकेतक है।
सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण भी 2024 के चुनाव में मोदी सरकार को बचाने की कवायद मात्र है।
उन्होंने बिहार में जातिगत सर्वेक्षण के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाये जाने का भी उल्लेख किया और कहा, ‘‘आप महिलाओं का वंदन नहीं कर रहे, बल्कि आप सत्ता का वंदन कर रहे हैं, आप कुर्सी का वंदन कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस सरकार को महिला सशक्तीकरण से कोई मतलब नहीं, बस उसे 2024 में सरकार बचाने की चिंता है और इसलिए यह ‘जुमला’ सामने लाया गया है।
सिंह ने कहा कि 15 लाख रुपये बैंक खाते में डालने के 2014 के चुनावी वादे को गृहमंत्री अमित शाह ने एक रैली में चुनावी जुमला करार दिया था, क्या पता यह विधेयक भी जुमला ही साबित हो।
सुरेश सुरेश वैभव
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