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सरकार का आर्थिक पैकेज मौद्रिक, राजकोषीय और सुधारवादी कदमों का मिश्रण : भाजपा

"देश की आर्थिक स्थिरता पर कोरोना प्रभाव" विषय पर मीडिया संवाद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता (आर्थिक मामले) गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में कुछ दल एवं कुछ लोग जानबूझकर यह बात फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रूपये का आर्थिक पैकेज केवल आर्थिक सुधार से जुड़ा है। जबकि यह मौद्रिक, राजकोषीय और सुधारवादी कदमों का मिश्रण है ।

सरकार का आर्थिक पैकेज मौद्रिक, राजकोषीय और सुधारवादी कदमों का मिश्रण : भाजपा
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नयी दिल्ली, 16 मई केंद्र सरकार के आर्थिक पैकेज की कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों द्वारा की गई आलोचना को खारिज करते हुए भाजपा ने शनिवार को कहा कि यह पैकेज मौद्रिक, राजकोषीय और सुधारवादी कदमों का मिश्रण है। इस पैकेज में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये विनिर्माण, लघु उद्यम, आधारभूत ढांचा एवं कृषि क्षेत्र पर जोर देने एवं कमजोर वर्गो को सशक्त बनाने की रूपरेखा पेश की गई है ।

"देश की आर्थिक स्थिरता पर कोरोना प्रभाव" विषय पर मीडिया संवाद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता (आर्थिक मामले) गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में कुछ दल एवं कुछ लोग जानबूझकर यह बात फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रूपये का आर्थिक पैकेज केवल आर्थिक सुधार से जुड़ा है। जबकि यह मौद्रिक, राजकोषीय और सुधारवादी कदमों का मिश्रण है ।

उन्होंने कहा कि यह समग्र आर्थिक पैकेज है जिसमें भूमि सुधार एवं श्रम सुधार करके पूँजी निर्माण की पहल की गई है जिससे लघु, माध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों द्वारा अधिक से अधिक उत्पादन कार्य आसानी से किया जा सके।

अग्रवाल ने कहा कि सरकार का मकसद व्यवस्था में अधिक से अधिक नकदी डालना और कर्ज सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि मांग सृजित की जा सके ।

लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की समस्याओं एवं वापस लौटने के बारे में एक प्रश्न के जवाब में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार संगठित क्षेत्र के मजदूरों के साथ ही उन 93 प्रतिशत मजदूरों की भी चिंता कर रही है जो फ़िलहाल अनौपचारिक क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं । प्रवासी मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है लेकिन उन्हें घरों तक पहुंचाना प्रदेश और केंद्र की सामूहिक जिम्मेदारी है ।

उन्होंने कहा कि श्रमिक अपने घर लौट रहे हैं लेकिन अर्थव्यवस्था खोलने और उद्योग चलाने के लिये पर्याप्त संख्या में मजदूर कार्यक्षेत्र में उपस्थित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एकाग्रता के साथ स्टार्ट अप ईको सिस्टम को बढ़ावा देने के बारे में कदम बढ़ाये हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफीशियल इन्टेलीजेंस), उच्च स्तरीय तकनीक आधारित समाधान वाले चौथी पीढ़ी के उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस समय होटल एवं पर्यटन उद्योग को फिलहाल कोई पैकेज नहीं दिया जा रहा है।

अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका और जापान की सैकड़ों कंपनियों ने चीन से अपनी विनिर्माण इकाइयों को विकेन्द्रीकृत कर भारत में भी उत्पादन करने की इच्छा व्यक्त की है लेकिन इसके लिए उनकी शर्तें हैं। सरकार इस बारे में आवश्यक सुधार करेगी।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2020 09:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).