देश की खबरें | जब तक अदालत निर्देश नहीं दे देतीं, सरकारें सक्रियता नहीं दिखातीं :उच्चतम न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में सरकारें तब तक सक्रियता नहीं दिखातीं जब तक उन्हें अदालत से निर्देश नहीं मिल जाता। न्यायालय ने कहा कि उसका ऐसा ही अनुभव रहा है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात अगस्त उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में सरकारें तब तक सक्रियता नहीं दिखातीं जब तक उन्हें अदालत से निर्देश नहीं मिल जाता। न्यायालय ने कहा कि उसका ऐसा ही अनुभव रहा है।

शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए टिप्पणी की कि वह दिल्ली में तबलीगी जमात के समागम को लेकर मीडिया के एक वर्ग द्वारा सांप्रदायिक कटुता पैदा करने वाली खबरें प्रकाशित और प्रसारित करने के आरोपों वाली याचिकाओं पर भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद निर्देश जारी करेगी।

यह भी पढ़े | Air India Express Plane Crash at Calicut Airport in Kozhikode: कोझिकोड विमान हादसे को लेकर पीएम मोदी ने केरल के सीएम पी. विजयन से फोन पर की बात, हालात का लिया जायजा.

पीसीआई को इस बारे में 50 से ज्यादा शिकायतें मिली थीं।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने कहा कि इस मामले में भारतीय प्रेस परिषद की रिपोर्ट मंगायी जायेगी और उसी के आधार पर वह निर्देश देगी।

यह भी पढ़े | केरल के कोझिकोड विमान हादसे को लेकर दुबई में भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइ नंबर जारी किया: 7 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

पीठ ने परिषद के वकील से कहा, ‘‘आप अपनी रिपोर्ट और निष्कर्ष हमें दीजिये और इसी के आधार पर हम निर्देश देंगे।’’

परिषद के वकील का कहना था कि उसे इस संबंध में करीब 50 शिकायतों पर फैसला करना है।

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) के वकील ने पीठ को सूचित किया कि उसे भी कई शिकायतें मिली हैं और वह इन पर नोटिस जारी कर रहा है।

शीर्ष अदालत जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द की याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में केन्द्र को ‘फर्जी खबरों’ को रोकने और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

इस मामले में एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि केन्द्र ने अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है और उसने अपना रूख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इसका जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का वक्त चाहिए।

पीठ ने कहा कि वह चाहेगी कि इस मामले में एनबीए रिपोर्ट दाखिल करे क्योंकि वह विशेषज्ञ संस्था है।

इस पर दवे ने कहा कि इन संस्थाओं पास अधिकार नहीं हैं।

इस पर पीठ ने कहा ‘‘ कौन से अधिकार? हम एनबीए से रिपोर्ट मांगेंगे।’’

दवे का कहना था कि सांप्रदायिक कटुता फैलाने वाली, मीडिया की खबरों ने इस देश के ताने बाने को बहुत नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह मसला सामने आने के बाद से चार महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। मीडिया के इस तरह के आचरण की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पीठ ने इस मामले को 26 अगस्त के लिये सूचीबद्ध करते हुये याचिकाकर्ताओं से कहा कि इस दौरान वे अपने जवाबी हलफनामे दाखिल करें।

केन्द्र ने अपने जवाब में न्यायालय से कहा है कि मरकज निजामुद्दीन के मसले को लेकर पूरे मीडिया पर रोक लगाने के आदेश के लिये प्रयास करने से समाज के विभिन्न वर्गों की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के नागरिकों के अधिकार प्रभावित होंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

T20 World Cup 2026 Semi Final Schedule: वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में भारत, 5 मार्च को वानखेड़े में इंग्लैंड से भिड़ंत; यहां देखें पूरा शेड्यूल

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, संजू सैमसन ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें IND बनाम WI मैच का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Match Video Highlights: होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 185 रनों से रौंदा, सीरीज में 3-0 से किया क्लीन स्वीप; यहां देखें AUS W बनाम IND W मैच का वीडियो हाइलाइट्स

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: कोलकाता में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया के सामने रखा 196 रनों का टारगेट, रोवमैन पॉवेल और जेसन होल्डर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

\