देश की खबरें | सरकार परामर्श के बाद राजद्रोह कानून पर ‘सुविज्ञ और तर्कपूर्ण’ निर्णय लेगी : कानून मंत्री मेघवाल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार राजद्रोह पर विधि आयोग की रिपोर्ट पर सभी हितधारकों के साथ परामर्श करने के बाद एक “सुविज्ञ और तर्कपूर्ण” निर्णय लेगी।
नयी दिल्ली, दो जून कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार राजद्रोह पर विधि आयोग की रिपोर्ट पर सभी हितधारकों के साथ परामर्श करने के बाद एक “सुविज्ञ और तर्कपूर्ण” निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में की गई सिफारिशें “सुझाव स्वरूप” हैं न कि “बाध्यकारी”।
मेघवाल की टिप्पणी राजद्रोह के मामलों में जेल की न्यूनतम सजा को मौजूदा तीन साल से बढ़ाकर सात साल करने की विधि आयोग की सिफारिश के मद्देनजर आई है।
मेघवाल ने ट्विटर पर कहा, “यह रिपोर्ट व्यापक परामर्श प्रक्रिया के चरणों में से एक है। रिपोर्ट में की गई सिफारिशें सुझाव स्वरूप हैं बाध्यकारी नहीं।”
उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला हितधारकों से परामर्श के बाद किया जाएगा।
मेघवाल ने कहा, “अब जबकि हमें रिपोर्ट मिल गई है, हम अन्य सभी हितधारकों के साथ भी परामर्श करेंगे ताकि हम जनहित में एक सुविज्ञ और तर्कपूर्ण निर्णय ले सकें।”
आयोग ने राजद्रोह के मामलों में कारावास की सजा को कम से कम तीन वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष करने की सिफारिश की है।
आयोग ने तर्क दिया है कि इससे अदालतों को किए गए कृत्य के स्तर और गंभीरता के अनुरूप सजा देने की अधिक गुंजाइश रहेगी।
इस रिपोर्ट में की गई सिफारिशों को लेकर कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया आई जिसने भाजपा सरकार पर इसे और “सख्त” बनाने की योजना बनाने और आम चुनावों से पहले यह संदेश देने का आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ किया जाएगा।
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