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Jaipur Bomb Blast Case: जयपुर बम धमाके मामले में आरोपियों को बरी करने के फैसले को उच्‍चतम न्‍यायालय में चुनौती देगी सरकार: CMअशोक गहलोत

राजस्‍थान सरकार ने जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट से संबंधित मामले में चार आरोपियों को राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा बरी क‍िए जाने के फैसले को उच्‍चतम न्‍यायालय में चुनौती देने का फैसला किया है. मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार इस मामले में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करेगी.

Jaipur Bomb Blast Case: जयपुर बम धमाके मामले में आरोपियों को बरी करने के फैसले को उच्‍चतम न्‍यायालय में चुनौती देगी सरकार: CMअशोक गहलोत
Ashok Gehlot (Photo: Twitter)

जयपुर, 1 अप्रैल : राजस्‍थान सरकार ने जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट से संबंधित मामले में चार आरोपियों को राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा बरी क‍िए जाने के फैसले को उच्‍चतम न्‍यायालय में चुनौती देने का फैसला किया है. मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि सरकार इस मामले में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करेगी. एक सरकारी प्रवक्‍ता ने बताया क‍ि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शुक्रवार रात को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय क‍िया गया. बैठक में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि 2019 के जिला न्यायालय के फैसले को पलटते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय ने सभी आरोपियों को बरी किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, इसलिए वह जल्द ही उच्च न्यायालय के फैसले के विरूद्ध उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल करेगी.

साथ ही, मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में पैरवी के लिए नियुक्त अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेन्द्र यादव की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया. गहलोत ने ट्वीट किया, “उच्च स्तरीय बैठक में परीक्षण के बाद जयपुर बम विस्फोट के मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील का फैसला लिया है. राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ वकील के माध्यम से पीड़ितों के साथ न्याय सुनिश्चित करेगी.” राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को इस मामले में निचली अदालत का फैसला पलटते हुए उन चार आरोपियों को बरी कर दिया जिन्हें व‍िशेष अदालत ने 2019 में फांसी की सजा सुनाई थी. उच्‍च न्‍यायालय ने 'खराब' जांच के लिए जांच एजेंसी को फटकार भी लगाई. राजस्थान की विशेष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को इस मामले में आरोपी मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सलमान और सैफुर्रहमान को दोषी माना था जबकि शाहबाज हुसैन को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया था. राज्य सरकार ने शाहबाज हुसैन को बरी किए जाने के फैसले को उच्‍च न्‍यायालय में चुनौती दी थी. वहीं, चारों ने सजा के खिलाफ अपील दायर की थी. यह भी पढ़ें : LPG Price Reduced: महंगाई की मार से आम लोगों को थोड़ी राहत! कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे, जानें कितने रूपये हुए सस्ते

उच्‍च न्‍यायालय के न्यायमूर्ति न्‍यायाधीश पंकज भंडारी और न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ ने बुधवार को चारों आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया. अदालत ने अपने आदेश में निचली अदालत द्वारा पांचवें व्यक्ति- शाहबाज हुसैन को बरी करने की भी पुष्टि की. राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को सिलसिलेवार हुए आठ बम धमाकों में कम से कम 71 लोगों की मौत हुई थी और 180 से अधिक घायल हुए थे. इन आठ सिलसिलेवार बम धमाकों ने जयपुर के परकोटे शहर को हिला दिया था. पहला धमाका चांदपोल हनुमान मंदिर और उसके बाद दूसरा सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर पर हुआ था. इसके बाद बड़ी चौपड़, जोहरी बाजार, छोटी चौपड़ और तीन अन्य स्थानों पर धमाके हुए थे. बम साइकिल पर टिफिन बॉक्स में रखे गए थे. रामचंद्र मंदिर के पास से एक बम बरामद किया गया, जिसे बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया था. इस सिलसिले में एक अलग मामले पर सुनवाई जारी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2023 12:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).