जरुरी जानकारी | देश के प्रौद्योगिकी दशक के लिये सिद्धांत आधारित विधान लाएगी सरकार: चंद्रशेखर

नयी दिल्ली, 19 जनवरी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को कह कि सरकार भारत के प्रौद्योगिकी दशक को आगे बढ़ाने के लिये अधिक सिद्धांत आधारित कानूनी विधान लाएगी और इसमें नियमों को थोपने वाली कोई बात नहीं होगी।

उन्होंने क्रिप्टो करेंसी के बारे में कहा कि क्रिप्टो को लेकर कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन इसके लिये जरूरी है कि देश के सभी नियम और कानून का पालन किया जाए।

चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि सरकार देश के प्रौद्योगिकी दशक को आगे बढ़ाने के लिये और अधिक सिद्धांत आधारित व्यापक कानूनी विधान लाएगी। इसमें नियमों को थोपने वाली कोई बात नहीं होगी। प्रौद्योगिकी दशक (टेकेड) देश का प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेज कदम को बताता है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार व्यापक आधार पर कानूनी रूपरेखा पर काम कर रही है। इसमें प्रस्तावित डिजिटल व्यक्तिगत आंकड़ा संरक्षण विधेयक, राष्ट्रीय आंकड़ा संचालन नियम, संशोधित आईटी नियम जैसे विधान शामिल हैं। जो डिजिटल भारत अधिनियम होगा, वह स्टार्टअप और नवोन्मेष परिवेश को गति देने के लिये कम निर्देशात्मक और अधिक सैद्धांतिक होगा।’’

मंत्री ने बेंगलुरु में ‘आईटेक लॉ इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस’ में यह बात कही। इस कार्यक्रम विधि क्षेत्र के विशेषज्ञ भी शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा विभिन्न पक्षों के विचारों को महत्व दिया है। जितने लोग किसी विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप देने में साथ आते हैं, उससे विधेयक या कानून की प्रभावशीलता, क्रियान्वयन और स्वीकृति उतनी ही अच्छी होती है।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास कानून बनाने की प्रक्रिया में अधिक से अधिक पक्षों को शामिल करने का रहा है। यह जितना सरकार का कानून का है, उतना ही लोगों का भी।’’

बाद में एक सत्र में उन्होंने क्रिप्टो करेंसी से जुड़े सवाल के जवाब में कहा, ‘‘आज ऐसा कुछ भी नहीं है, जो क्रिप्टो को गलत ठहराये। लेकिन इसके लिये जरूरी है कि नियमों का पालन किया जाए।’’

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