देहरादून, पांच मई उत्तराखंड में आपराधिक इतिहास वाले लोगों को भूमि खरीदने से रोकने के लिए कानून को सख्त बनाने हेतु राज्य सरकार जल्द एक अध्यादेश लाएगी।
आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि प्रस्तावित अध्यादेश में संभावित खरीददारों को भूमि खरीद की अनुमति देने से पहले उनकी पृष्ठभूमि और भूमि क्रय के उनके उद्देश्य का अच्छी तरह से परीक्षण किया जाएगा।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अध्यादेश उत्तराखंड के बाहर के संभावित भूमि खरीददारों पर ही लागू होगा या राज्य में रहने वाले लोग भी इसके दायरे में आएंगे।
सूत्रों ने बताया कि हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस संबंध में एक प्रस्ताव रख चुके हैं, जिसपर अध्यादेश लाने के लिए उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों ने उन्हें अधिकृत कर दिया है ।
उत्तराखंड में भूमि अध्यादेश लाने का विचार धामी द्वारा प्रदेश में 'भूमि जिहाद' पर चिंता व्यक्त किए जाने के बाद सामने आया है ।
पिछले महीने नैनीताल जिले के कालाढूंगी में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि प्रदेश के अंदर 1000 से भी ज्यादा ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जहां अवैध रूप से मजार या कोई अन्य निर्माण कर दिया गया है ।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार किसी के खिलाफ नहीं है लेकिन वह कहीं पर भी भूमि जिहाद को आगे नहीं बढ़ने देगी। उन्होंने अतिक्रमणकारियों को स्वयं भूमि खाली करने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा न होने की स्थिति में सरकार उसे खाली करवाएगी ।
राज्य में भूमि पर अतिक्रमण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया आरंभ भी हो चुकी है। धामी ने अधिकारियों से एक ऐसा तंत्र विकसित करने को कहा है जिसमें एक बार अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अतिक्रमणकारी दोबारा वहां कब्जा न कर सकें ।
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