नयी दिल्ली, 10 जून कांग्रेस के रेल सुरक्षा के लिए आवंटित धनराशि का दुरुपयोग करने संबंधी आरोप को खारिज करते हुए सरकारी सूत्रों ने शनिवार को कहा कि इसका इस्तेमाल उन ट्रेन चालकों के कमरों के लिए किया जाता था जो ड्यूटी पर लंबा समय बिताते हैं।
कांग्रेस ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की वर्ष 2021 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार को दावा किया था कि केंद्र सरकार ने रेल सुरक्षा के लिए आवंटित पैसे का दुरुपयोग करते हुए इसे क्राकरी, कारों के किराये, फर्नीचर, लैपटॉप और फूट मसाजर पर खर्च कर दिए।
एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, रेलवे ने 2017-2018 और 2021-22 के बीच सुरक्षा उपायों पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं और पटरी नवीनीकरण पर खर्च में लगातार वृद्धि हुई है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया था, ‘‘रेलवे सुरक्षा के लिए आवंटित पैसे का इस तरह से इस्तेमाल किया गया। यह कैग ने पता लगाया है।’’
कैग रिपोर्ट के कुछ तथ्यों का हवाला देते हुए रमेश ने आरोप लगाया था कि सरकार ‘राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष’ का दुरुपयोग करते हुए क्रॉकरी, कारों के किराये, फर्नीचर, लैपटॉप और फूट मसाजर पर खर्च करती आ रही है।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस द्वारा उल्लेखित वस्तुओं का इस्तेमाल रेलगाड़ी चलाने वाले लोको-पायलटों के कमरों के लिए किया जा रहा है।
सूत्रों ने कहा, ‘‘ कुछ ऐसे कर्मचारी हैं जो रेलगाड़ियों में लंबा समय बिताते हैं, कभी-कभी ड्यूटी के लिए पूरे दिन खड़े भी रहते हैं। फुट मसाजर उनके लिए हैं। यह उनके लिए कोई विलासिता की वस्तु नहीं है बल्कि एक आवश्यकता है।’’
‘ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन’ के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘‘हमारे स्टेशन प्रबंधक और कर्मचारी दिन-रात काम करते हैं और उनके उपयोग के लिए खरीदी गई क्रॉकरी और फुट मसाजर जैसी चीजों का राजनीतिकरण करना उचित नहीं है। इन चीजों पर राजनीति केवल रेलवे की छवि को खराब करती है।’’
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