सरकार को सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करने पर सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए: स्वास्थ्य विशेषज्ञ
जन स्वास्थ्य और निवारण चिकित्सा के पूर्व निदेशक, डॉ. के. कोलंदसामी ने कहा कि जब भी सेवाएं फिर से शुरू की जाती हैं, तो कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हर फेरे के बाद ट्रेन के डिब्बों या बसों को संक्रमण-मुक्त किया जाना चाहिए।
चेन्नई, 13 मई तमिलनाडु में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने सुझाव दिया है कि सरकार को अभी सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करने पर सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि लॉकडाउन ने कोरोना वायरस को नियंत्रित करते हुए इसके प्रसार को धीमा किया है।
जन स्वास्थ्य और निवारण चिकित्सा के पूर्व निदेशक, डॉ. के. कोलंदसामी ने कहा कि जब भी सेवाएं फिर से शुरू की जाती हैं, तो कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हर फेरे के बाद ट्रेन के डिब्बों या बसों को संक्रमण-मुक्त किया जाना चाहिए।
डॉ. कोलंदसामी, तमिलनाडु की महामारी के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहे हैं।
वह डेंगू और चिकनगुनिया सहित कई स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए बनी राज्य की टीम का हिस्सा रहे थे और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवा की वजह से कोरोना वायरस के मामले बढ़ने नहीं चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन ने वायरस को नियंत्रित करने में मदद की है, नहीं तो यह बहुत तीव्र गति से फैलता।
उन्होंने कहा, ‘‘जब हम टीवी पर संकट से जूझते हुए अमेरिका, स्पेन और जर्मनी के दृश्य देखते हैं, तो पता चलता है वहां हालत कितनी खराब है, लेकिन भारत, विशेष रूप से तमिलनाडु में, स्थिति बहुत बेहतर है।’’
तमिलनाडु में कोविड-19 के 8,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
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