देश की खबरें | सरकार अपनी जिद छोड़कर किसानों के साथ बात करे: कुमारी शैलजा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भगवा दल ने चुनावों में जो वादे किए थे उन्हें पूरा नहीं किया। कृषि कानूनों को लेकर जारी किसान आंदोलन को लेकर शैलजा ने कहा कि सरकार को अपनी जिद छोड़कर किसानों के साथ बात करनी चाहिए।

जींद (हरियाणा), 18 मार्च कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भगवा दल ने चुनावों में जो वादे किए थे उन्हें पूरा नहीं किया। कृषि कानूनों को लेकर जारी किसान आंदोलन को लेकर शैलजा ने कहा कि सरकार को अपनी जिद छोड़कर किसानों के साथ बात करनी चाहिए।

शैलजा ने उचाना कलां में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। शैलजा ने कहा कि वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भगवा दल ने जो वादे किए थे, उनको पूरा करने के लिए कोई काम नहीं किया।

उन्होंने दावा किया, “आज हर नागरिक किसान, मजदूर, आढ़ती, आम लोग, दुकानदार युवा, कमजोर वर्ग, पिछड़ा वर्ग सब परेशान हैं। आज चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, हठ के साथ सरकार चला रहे हैं और अहंकार में डूबे हुए हैं।”

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि पहले तो सरकार बिना विचार किए इतने बड़े कानून ले आई और अब कहती है कि वे उनमें संशोधन करने को तैयार है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का मकसद, ‘दो-चार लोगों’ को फायदा पहुंचाने का है।

शैलजा ने कहा कि मोदी सरकार को अपनी जिद्द छोड़नी चाहिए और किसानों की बात सुननी चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा, “ वे (सरकार) केवल निजीकरण की बात कर रहे हैं, लेकिन निजी क्षेत्र खत्म होता जा रहा है। वे सरकारी क्षेत्र को खुद खत्म कर रहे हैं।”

शैलजा ने अभय सिंह चौटाला का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधा और कहा ''आज वह किसानों की लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे हैं और किसानों के लिए विधानसभा से इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं। यह लड़ाई का कौन सा तरीका है? उन्हें विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट देना चाहिए था। "

बता दें कि ऐलानाबाद से विधायक चौटाला ने किसानों के समर्थन में जनवरी में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

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