नयी दिल्ली, 11 मार्च केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के तहत उन सभी पात्र किसानों को 6,000 रुपये की वार्षिक सहायता देने को तैयार है जो अब तक इससे नहीं जुड़े हैं।
उन्होंने सभी राज्य सरकारों से ऐसे किसानों को चिह्नित करने में केंद्र की मदद करने को कहा।
चौहान ने यह भी कहा कि ऐसे किसानों को पिछले समय से बकाया धनराशि भी दी जाएगी।
उन्होंने प्रश्नकाल में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘सभी पात्र लाभार्थियों के पास कम से कम एक खेती की जमीन होनी चाहिए, उनका ईकेवाईसी होना चाहिए और वे पीएमकिसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।’’
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
तमिलनाडु के किसानों से संबंधित द्रमुक के एक सदस्य के पूरक प्रश्न के उत्तर में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय कृषि मंत्री के नाते मैं अब तक दो बार तमिलनाडु गया हूं। एक बार कृषि मंत्रालय के काम से और दूसरी बार ग्रामीण विकास मंत्रालय के काम से। दोनों बार न तो राज्य के कृषि मंत्री बैठक में आए और ना ही प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री आए।’’
चौहान ने कहा कि अगर तमिलनाडु सरकार अब भी चाहे, तो उनके मंत्री आकर मिल सकते हैं या वह स्वयं फिर से राज्य का दौरा करने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम तमिलनाडु की जनता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम तमिलनाडु की जनता का बहुत सम्मान करते हैं।’’
शिरोमणि अकाली दल की सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल
ने एक पूरक प्रश्न पूछते हुए पंजाब में राज्य सरकार द्वारा स्थानीय पंचायतों को दरकिनार करके नियमों का उल्लंघन होने तथा धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
जवाब में चौहान ने कहा, ‘‘मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि जहां नियमों का उल्लंघन होगा, दुरुपयोग होगा, हम टीम भेजकर जांच कराएंगे और कार्रवाई करेंगे।’’
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