देश की खबरें | पेगासस से जासूसी का ब्यौरा उच्चतम न्यायालय के समक्ष रखे सरकार: सुरजेवाला

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार एक अमेरिकी अदालत में हुए इस नवीनतम खुलासे को उच्चतम न्यायालय के समक्ष रखे कि 'पेगासस स्पाइवेयर' का इस्तेमाल कर 100 भारतीय नागरिकों की जासूसी की गई।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि अब स्पष्ट हो चुका है कि पेगासस का इस्तेमाल 100 भारतीय नागरिकों के सेल फोन को हैक करने के लिए किया गया था।

कांग्रेस नेता का कहना था कि अब इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "पेगासस स्पाइवेयर बेचने वाली इकाई एनएसओ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जासूसी सॉफ्टवेयर लाइसेंस संप्रभु सरकारों द्वारा लिए गए थे। यह स्पष्ट है कि जासूसी की गई थी, लेकिन मोदी सरकार इस पर कब जवाब देगी।"

सुरजेवाला ने सवाल किया, "क्या यह प्रथम दृष्टया साबित नहीं करता है कि मोदी सरकार ने जासूसी के लिए पेगासस सॉफ्टवेयर खरीदा था? ये 100 लोग कौन हैं जिनकी जासूसी की गई और किसकी अनुमति से उनके फोन हैक किए गए?"

उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि स्पाइवेयर खरीदने की इजाजत किसने दी और पैसा कहां से आया।

सुरजेवाला ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका की एक अदालत में दस्तावेज़ सार्वजनिक कर दिए गए हैं, तो क्या भारत सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है कि वह दस्तावेज़ 22 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय के समक्ष पेश करे, ताकि अदालत इस पूरे मामले की गहन जांच करे?"

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इन सवालों का जवाब देना ही होगा।

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