राजस्थान सरकार ने कारखानों में कामगारों का समय फिर आठ घंटे किया
राज्य सरकार ने कोरोनो वायरस संक्रमण के फैलने के मद्देनजर 24 अप्रैल को सभी पंजीकृत कारखानों में कामगारों की आवश्यकता को कम करने के लिए काम के घंटे को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे प्रतिदिन कर दिया था।
जयपुर, 26 मई राजस्थान सरकार ने कारखानों में कामगारों के लिए काम के घंटे घटाकर फिर आठ घंटे प्रतिदिन कर दिये हैं।
राज्य सरकार ने कोरोनो वायरस संक्रमण के फैलने के मद्देनजर 24 अप्रैल को सभी पंजीकृत कारखानों में कामगारों की आवश्यकता को कम करने के लिए काम के घंटे को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे प्रतिदिन कर दिया था।
राजस्थान के श्रम मंत्री टीकाराम जोली ने बताया कि पंजीकृत कारखानों में काम के घंटे को चार घंटे तक बढ़ाने की अनुमति शनिवार को वापस ले ली गई।
उन्होंने बताया कि लगभग सभी कारखाने वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के दौरान संचालित किए जा रहे हैं। श्रमिकों की आवाजाही भी शुरू हो गई है और पास की आवश्यकता नहीं है। ग्रीन, ऑरेंज जोन आदि कई क्षेत्रों सार्वजनिक परिवहन भी शुरू हो गया है।
उन्होंने बताया कि कारखाना प्रबंधन और वहां काम करने वाले कर्मचारी केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी सुरक्षा मानकों और सामाजिक दूरियों के दिशा निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण महामारी को ध्यान में रखते हुए कारखानों में काम करने वालों (श्रमिकों) की आवश्यकता को कम करने के लिए काम के घंटों को प्रतिदिन 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने की अनुमति 24 अप्रैल को दी थी।
सभी पंजीकृत कारखानों में उत्पादन के लिए श्रमिकों की न्यूनतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के दोहरे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कारखाना अधिनियम, 1948 के अनुसार सामान्य रूप से प्रतिदिन काम करने के आठ घंटे के स्थान पर प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे काम करने की अनुमति देने के लिए छूट दी गई है।
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