देश की खबरें | कर्नाटक सरकार, ईशा आउटरीच ने कावेरी घाटी में वृक्ष आधारित कृषि को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया
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बेंगलुरु, 24 अगस्त कर्नाटक सरकार और ‘ईशा आउटरीच’ ने ‘कावेरी कॉलिंग’ अभियान के दायरे में आने वाले और कावेरी घाटी के जिलों में राज्य सरकार की विभिन्न कृषि वानिकी प्रोत्साहन योजनाओं के बीच तालमेल बनाने तथा मिलकर काम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
कोडागु, मैसूर, मांड्या, बेंगलुरु ग्रामीण, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, हासन, रामनगर और तुमकुरु जिले कावेरी घाटी जिलों में शामिल हैं। समझौता ज्ञापन पर कर्नाटक सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विकास आयुक्त आई. एस. एन. प्रसाद और ईशा आउटरीच के परियोजना निदेशक, अंबरीश कुमार ने हस्ताक्षर किए।
ईशा आउटरीच ने एक बयान में कहा कि ‘कावेरी कॉलिंग’ अभियान को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार का सहयोग और बुनियादी ढांचा अमूल्य रहा है और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर उसी का एक लिखित रूप है।
बयान में कहा गया है, ‘‘यह ‘कावेरी कॉलिंग’ और कर्नाटक सरकार के वृक्ष-आधारित कृषि को बढ़ावा देने के संयुक्त दृष्टिकोण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो न केवल हरित क्षेत्र को बढ़ाएगा बल्कि उपरोक्त कावेरी बेसिन जिलों में किसानों की आय में भी काफी वृद्धि करेगा।’’
कर्नाटक सरकार स्थायी कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों के खेतों में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाती है। इसके साथ ही, ईशा आउटरीच ‘कावेरी कॉलिंग’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए वन विभाग, कृषि विभाग, बागवानी विभाग, ग्रामीण विकास और कर्नाटक के पंचायत राज विभाग के साथ मिलकर काम करेगी।
बयान के अनुसार, ईशा आउटरीच, सद्गुरु द्वारा परिकल्पित ईशा की एक सामाजिक पहल है, जिसके तहत कावेरी नदी को पुनर्जीवित करने, मिट्टी को फिर से उर्वर बनाने और किसानों की आय में सुधार करने के लिए ‘कावेरी कॉलिंग’ अभियान चलाया जा रहा है।
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