रायपुर, 17 मई कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन के बीच छत्तीसगढ़ सरकार प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्य जाने में मदद के लिये बस सेवा से लेकर चिकित्सा जांच समेत कई सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों से हजारों प्रवासी कामगार रोज उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार और झारखंड में पहुंचने के लिये छत्तीसगढ़ से गुजर रहे हैं।
हर तरफ से जमीन से घिरा छत्तीसगढ़ अपनी सीमाएं सात राज्यों- महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड- के साथ साझा करता है।
प्रवासी कामगार या तो सामान लाने ले जाने वाली गाड़ियों में सफर कर रहे हैं या पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल रहे हैं।
अधिकारी ने कहा, “प्रवासियों के राज्य की सीमा पर पहुंचने पर हम उन्हें खाना और पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ ही उनके गृह राज्य की करीबी सीमा तक पहुंचाने से पहले उनके स्वास्थ्य की भी जांच कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वयंसेवी संगठन, सामाजिक कार्य से जुड़े संस्थान, उद्योग और कारोबारी संगठन भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील पर प्रवासियों की सहायता के लिये राज्य सरकार के साथ सहयोग कर रहे हैं।
राजनांदगांव जिले की बाघनदी सीमा पर पहुंचने वाले प्रवासियों को ले जाने के लिये कम से कम 100 बसों को लगाया गया है।
उन्होंने कहा, “उनमें से अधिकतर झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से हैं जिस पर उन्हें छत्तीसगढ़ की उत्तरी सीमा की तरफ ले जाया जा रहा है जहां से संबंधित राज्यों को उनके बारे में जानकारी दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि प्रवासियों के बीच चप्पलें और मास्क भी वितरित किये गए।
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