जरुरी जानकारी | उत्तर प्रदेश की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए विदेश दौरों पर जाएंगे सरकार के मंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश सरकार ने जनवरी 2023 में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन से पहले राज्य की 'वैश्विक ब्रांडिंग' करने की खातिर वृहद योजना तैयार की है। इसके तहत आयोजन से पहले सरकार के विभिन्न मंत्री करीब एक दर्जन देशों में रोड शो करेंगे।

लखनऊ, 21 जुलाई उत्तर प्रदेश सरकार ने जनवरी 2023 में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन से पहले राज्य की 'वैश्विक ब्रांडिंग' करने की खातिर वृहद योजना तैयार की है। इसके तहत आयोजन से पहले सरकार के विभिन्न मंत्री करीब एक दर्जन देशों में रोड शो करेंगे।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि जनवरी 2023 में आयोजित होने वाली 'यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' के लिए राज्य सरकार ने बड़ी कार्य योजना तैयार की है। इसके तहत राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए सम्मेलन से पहले प्रदेश के सभी मंत्री करीब 12 देशों का दौरा और रोड शो करेंगे।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में मंत्रियों का दल अलग-अलग देशों में रोड शो आयोजित कर उत्तर प्रदेश की क्षमताओं और संभावनाओं से परिचय कराएगा। ऐसी संभावना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी किसी एक देश के दौरे पर जाएंगे।

प्रवक्ता ने बताया कि सिंगापुर ने आगे बढ़कर ‘यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट’ के लिए 'फर्स्ट कंट्री पार्टनर' बनने की इच्छा जताई है। इससे पहले वर्ष 2018 के निवेशक सम्मेलन में नीदरलैंड, जापान, स्लोवाकिया, फिनलैंड, चेक रिपब्लिक, मॉरीशस, थाईलैंड, नेपाल, बेल्जियम कंट्री पार्टनर रहे हैं।

इन देशों के साथ-साथ ब्रिटेन, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, स्वीडन, सिंगापुर, नीदरलैंड, इजराइल, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, मॉरीशस, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रोड शो आयोजित करने की तैयारी है। मंत्रियों के यह दौरे इस साल सितंबर से नवम्बर महीने के बीच हो सकते हैं।

योजना के अनुसार एक कैबिनेट मंत्री की टीम में एक स्वतन्त्र प्रभार के राज्य मंत्री और एक राज्य मंत्री हो सकते हैं। इस बाबत तैयारी शुरू हो चुकी है।

प्रवक्ता ने बताया कि इन दौरों के दौरान औद्योगिक जगत के लोगों से मिलकर उत्तर प्रदेश में निवेश के 'अनुकूल माहौल' का हवाला देते हुए निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही उन देशों में प्रवासी भारतीयों खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों से संवाद कर प्रदेश के बदले माहौल और भावी कार्ययोजना पर बातचीत भी होगी।

प्रस्तावित समिट में 10 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश जुटाने का लक्ष्य है।

प्रवक्ता ने बताया कि औद्योगिक निवेश से रोजगार के बड़े अवसरों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश के माहौल को और बेहतर करने के लिए नियमों में समयानुकूल बदलाव करने को कहा है।

उन्होंने बताया कि मंत्रियों के विदेश दौरों से पहले खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, पॉवरलूम, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव ईंधन, फिल्म एवं मीडिया, पर्यटन, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक इंडस्ट्री, खिलौना निर्माण, नागर विमानन, आवास एवं रियल एस्टेट सहित एक दर्जन नई क्षेत्रवार नीति के साथ निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।

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