नयी दिल्ली, 31 मई सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बेहतर आंकड़े और राजकोषीय स्थिति में सुधार से उत्साहित सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत से कम कर सकती है।
सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट जब जुलाई में पेश किया जाएगा। उस समय ऐसा किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कर और गैर-कर आय, दोनों मदों में वृद्धि के कारण घाटे का आंकड़ा कम हो सकता है।
बीते वित्त वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.6 प्रतिशत था, जबकि एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट में इसके 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।
सूत्रों ने कहा कि पूर्ण बजट पेश होने पर सरकार राजकोषीय घाटे पर फिर से विचार करेगी। मानसून औसत से ऊपर रहेगा और यह कृषि क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत है।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए आरबीआई का सात प्रतिशत का पूर्वानुमान वास्तविकता के करीब लगता है।
सूत्र के अनुसार मजबूत निवेश मांग तथा व्यापार और उपभोक्ता धारणाओं में मजबूती के कारण घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई है।
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