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जरुरी जानकारी | कीमत बढ़ोतरी पर लगाम लगाने को सरकार ने राज्यों को प्याज का बफर स्टॉक जारी किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने खुदरा प्याज की कीमतों में किसी भी तेजी पर लगाम लगाने को लेकर कदम उठाया है। उसने उन राज्यों के लिये प्याज का बफर स्टॉक सुनियोजित और लक्षित तरीके से उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है, जहां दाम पिछले महीनों के मुकाबले बढ़ रहे हैं।

जरुरी जानकारी | कीमत बढ़ोतरी पर लगाम लगाने को सरकार ने राज्यों को प्याज का बफर स्टॉक जारी किया

नयी दिल्ली, 18 फरवरी केंद्र ने खुदरा प्याज की कीमतों में किसी भी तेजी पर लगाम लगाने को लेकर कदम उठाया है। उसने उन राज्यों के लिये प्याज का बफर स्टॉक सुनियोजित और लक्षित तरीके से उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है, जहां दाम पिछले महीनों के मुकाबले बढ़ रहे हैं।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि बाजारों में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र में प्याज की लासलगांव और पिंपलगांव थोक मंडियों में भी बफर स्टॉक जारी किया जा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि राज्यों को भंडारण से अलग स्थानों पर 21 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की पेशकश की गई है। मदर डेयरी के सफल बिक्री केन्द्रों को भी परिवहन लागत सहित 26 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से इस सब्जी की आपूर्ति की गई है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘... बफर स्टॉक के तेजी से बाजार में आने से प्याज की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है।’’

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में खुदरा प्याज की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। दिल्ली और चेन्नई में प्याज की कीमत 37 रुपये किलो थी, जबकि मुंबई में 39 रुपये किलो और कोलकाता में 43 रुपये किलो थी।

मंत्रालय ने आगे कहा कि देर से पैदावार वाली खरीफ (गर्मी) प्याज की आवक स्थिर है और मार्च, 2022 से रबी (सर्दियों) फसल के आने तक स्थिर रहने की उम्मीद है।

इस साल 17 फरवरी तक, प्याज की अखिल भारतीय औसत कीमत पिछले साल की तुलना में 22.36 प्रतिशत कम थी।

मंत्रालय के अनुसार, मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के माध्यम से प्रभावी बाजार हस्तक्षेप के कारण वर्ष 2021-22 के दौरान प्याज की कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं।

इसी तरह, आलू का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य पिछले महीने की तुलना में 17 फरवरी को 6.96 प्रतिशत कम यानी 20.58 रुपये प्रति किलोग्राम था।

अब तक छह राज्यों, आंध्र प्रदेश, असम, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल ने अग्रिम रूप से लिया है और कुल 164.15 करोड़ रुपये केंद्रीय हिस्से के रूप में जारी किए गए हैं।

इन राज्यों के पास आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करने के लिए धन और जनादेश है।

इसमें कहा गया है, ‘‘अन्य राज्यों से भी अनुरोध किया गया है कि वे आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए राज्य स्तर पर हस्तक्षेप के लिए पीएसएफ का गठन करें।’’

टमाटर के मामले में, पिछले एक महीने के दौरान कीमतों में गिरावट आई है, हालांकि यह पिछले साल के स्तर से थोड़ा ऊपर रहा है।

एक फरवरी तक टमाटर की अखिल भारतीय औसत कीमत 26.69 रुपये प्रति किलोग्राम थी जो पिछले महीने की तुलना में कम है।

जैसे-जैसे उत्तर भारत में आवक में तेजी आएगी, आने वाले सप्ताह में कीमतों में और गिरावट आएगी। दक्षिण भारत में आवक भी आने वाले सप्ताह में बढ़ेगा और फरवरी के अंत तक गति पकड़ लेगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2022 09:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).