देश की खबरें | ‘सुशासन सूचकांक’ का तीसरा संस्करण तैयार कर रही है सरकार : प्रशासनिक सुधार सचिव श्रीनिवास
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन को मापने के लिए केंद्र सरकार का प्रशासनिक सुधार विभाग ‘सुशासन सूचकांक’ का तीसरा संस्करण तैयार कर रहा है और इसे 25 दिसंबर को जारी किये जाने की संभावना है । प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) सचिव वी. श्रीनिवास ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, एक दिसंबर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन को मापने के लिए केंद्र सरकार का प्रशासनिक सुधार विभाग ‘सुशासन सूचकांक’ का तीसरा संस्करण तैयार कर रहा है और इसे 25 दिसंबर को जारी किये जाने की संभावना है । प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) सचिव वी. श्रीनिवास ने यह जानकारी दी।
डीएआरपीजी सचिव वी. श्रीनिवास ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘ शासन का मानक तैयार करना वर्ष 2019 में गठित सचिवों के समिति की एक प्रमुख सिफारिश रही है। इस प्रक्रिया में दिसंबर 2019 में पहला सुशासन सूचकांक तैयार किया गया था। यह 58 संकेतकों और 10 क्षेत्रों पर आधारित था।’’
उन्होंने बताया, ‘‘ दूसरा सुशासन सूचकांक 25 दिसंबर 2021 को पेश किया गया था। अब तीसरे सुशासन सूचकांक तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है और हमें उम्मीद है कि इसे 25 दिसंबर या उसके आसपास जारी किया जायेगा।’’
सुशासन सूचकांक का उद्देश्य राज्यों / केंद्र-शासित प्रदेशों में प्रशासन की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करना है जिससे उन राज्यों / केंद्र-शासित प्रदेशों का प्रदर्शन सोपानबद्ध किया जा सके । उन्होंने कहा कि इस सूचकांक में कुल 58 संकेतक तय किये गए हैं जो 10 क्षेत्रों से संबंधित हैं।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में कृषि और संबद्ध क्षेत्र, वाणिज्य और उद्योग, मानव संसाधन विकास,सार्वजनिक स्वास्थ्य, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और उपयोगिताएं,आर्थिक शासन, समाज कल्याण और विकास, न्यायिक और सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यावरण आदि शामिल हैं।
विभागों के प्रशासन में सुधार एवं पारदर्शिता लाने से संबंधित विशेष स्वच्छता अभियान के बारे में श्रीनिवास ने कहा कि सरकारी मंत्रालयों, विभागों एवं संबद्ध संस्थाओं के कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप प्रदान करने के लिए वर्ष 2021 में यह अभियान शुरू किया गया था और पिछले दो वर्षों में इस अभियान ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 26 लाख से अधिक फाइलों का निपटारा किया गया, 164 लाख वर्ग फुट से अधिक कार्यालय स्थान खाली कराए गए तथा खराब हो चुके वाहनों, पुराने लैपटॉप, डेस्कटॉप और ऑफिस फर्नीचर, रद्दी आदि का निपटारा करके 556 करोड़ रूपये अर्जित किये गए।
श्रीनिवास ने बताया कि विशेष स्वच्छता अभियान की शुरूआत 2021 में होने के बाद इस वर्ष तीसरे संस्करण में खास बात यह रही कि इसमें अर्द्धसैनिक बलों, सैन्य छावनी क्षेत्र शामिल थे।
दीपक
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