जरुरी जानकारी | सरकार 2,33,000 मेगावॉट की नई पारेषण क्षमता पर कर रही विचार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बिजली मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सरकार 2030 तक देश में 2,33,000 मेगावॉट की नवीकरणीय ऊर्जा के लिये बिजली पारेषण क्षमता पर विचार कर रही है।
नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर बिजली मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सरकार 2030 तक देश में 2,33,000 मेगावॉट की नवीकरणीय ऊर्जा के लिये बिजली पारेषण क्षमता पर विचार कर रही है।
मंत्रालय से संबद्ध संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में विभाग ने कहा, ‘‘कार्यक्रम के तहत वित्त वर्ष 2026-27 तक अतिरिक्त 52,000 मेगावॉट आरईजेड (नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र) के एकीकरण के लिये पारेषण प्रणाली की योजना तैयार करना, 2030 तक अतिरिक्त 1,81,500 मेगावॉट आरईजेड के लिये पारेषण परियोजनाओं की योजना बनाना और क्रमिक रूप से इसका कार्यान्वयन किया जाना शामिल है।’’
बयान के अनुसार, मंत्रालय से संबद्ध संसदीय सलाहकार समिति की यहां हुई बैठक की अध्यक्षता बिजली मंत्री आर के सिंह ने की। बैठक में विद्युत तथा भारी उद्योग राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हुए।
बैठक का विषय ‘भारत में राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड का विकास - उसका महत्व’ था।
बैठक में सदस्यों को बताया गया कि गैर-जीवाश्म ईंधन (कोयला के अलावा) ऊर्जा के एकीकरण के लिये उठाये गये कदमों में हरित ऊर्जा गलियारों का क्रियान्वयन करना, अति वृहत सौर ऊर्जा पार्कों के लिये पारेषण प्रणाली, 2022 तक 66,500 मेगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों के लिये पारेषण प्रणाली, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की विषमता और अनिश्चितता को दूर करने के लिए 13 आरई प्रबंधन केंद्रों (आरईएमसी) की स्थापना शामिल हैं।
देश के सभी पांच क्षेत्रीय ग्रिडों को दिसंबर, 2013 तक जोड़कर राष्ट्रीय ग्रिड बनाया गया। लेह क्षेत्र को जनवरी, 2019 में 220 केवी श्रीनगर-लेह पारेषण प्रणाली के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा गया था।
वित्त वर्ष 2014-15 से राष्ट्रीय ग्रिड पारेषण प्रणाली में 1,71,149 सीकेएम (सर्किट किलोमीटर) की ‘ट्रांसमिशन’ लाइन जोड़ी गई है।
वर्तमान में, राष्ट्रीय ग्रिड की स्थापित क्षमता 4,04,000 मेगावॉट है और पूरी की जाने वाली अधिकतम मांग 2,16,000 मेगावॉट है।
बैठक में कहा गया, ‘‘हमारे पास देश में एक राष्ट्र, एक ग्रिड, एक फ्रीक्वेंसी, एक नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर है, जिसके परिणामस्वरूप एक बाजार है। देश की पारेषण प्रणाली विश्व का प्रमुख एकीकृत ग्रिड है।’’
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