ताजा खबरें | सरकार साप्ताहिक आधार पर घरेलू, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चावल की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर सरकार साप्ताहिक आधार पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चावल की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और अनुकूल परिस्थितियां आने पर वह वैश्विक चावल व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ा सकती है। लोकसभा को बुधवार को यह जानकारी दी गयी।

भारत ने भू-राजनीतिक परिदृश्य, अल नीनो और समशीतोष्ण जलवायु परिस्थितियों के कारण यहां और अन्य चावल उत्पादक देशों में चावल उत्पादन को लेकर अनिश्चितता के मद्देनजर घरेलू कीमतों पर अंकुश लगाने और यहां के बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टुकड़ा और गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘सरकार साप्ताहिक आधार पर घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर चावल के परिदृश्य पर बारीकी से नजर रख रही है और अनुकूल परिस्थितियां आने पर सरकार वैश्विक चावल व्यापार में हिस्सेदारी का प्रतिशत बढ़ा सकती है।’’

भारत 2018 से 2022 तक दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश था, जबकि थाईलैंड और वियतनाम क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर थे।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि अप्रैल-सितंबर 2023 के दौरान कृषि निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.6 प्रतिशत की गिरावट आई है।

मुक्त कारोबार समझौते (एफटीए) से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भारत ने अपने व्यापारिक भागीदारों के साथ 13 व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

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