जरुरी जानकारी | सरकार ने 2024 के लिए खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया

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नयी दिल्ली, 27 दिसंबर सरकार ने बुधवार को 2024 के सत्र के लिए खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाकर 11,160 से 12,000 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में यह फैसला लिया गया।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा, “खोपरा (नारियल का गोला) की कीमतों में वैश्विक स्तर पर गिरावट आई है। लेकिन मोदी सरकार ने उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत ज्यादा एमएसपी देने का फैसला किया है। ऐसे में 2024 के सत्र के लिए खोपरा के एमएसपी में 250-300 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की गई है।”

उन्होंने कहा कि उचित और औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) वाले बॉल खोपरा का एमएसपी 250 रुपये बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि मिलिंग खोपरा का समर्थन मूल्य अगले वर्ष के लिए 300 रुपये बढ़ाकर 11,160 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इससे मिलिंग खोपरा (तेल निकालने के लिए उपयोग होने वाला) के लिए 51.84 प्रतिशत और बॉल खोपरा (मेवा) के लिए 63.26 प्रतिशत का मार्जिन सुनिश्चित होगा, जो उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत से 1.5 गुना से भी अधिक है।

पिछले 10 साल में सरकार ने मिलिंग खोपरा और बॉल खोपरा के लिए एमएसपी को 2014-15 में क्रमशः 5,250 रुपये प्रति क्विंटल और 5,500 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2024-25 के सत्र में 11,160 रुपये प्रति क्विंटल और 12,000 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।

बयान के अनुसार, उच्च एमएसपी न केवल नारियल उत्पादकों के लिए बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करेगा बल्कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नारियल उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए खोपरा उत्पादन का विस्तार करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी करेगा।

चालू सीजन में सरकार ने 1,493 करोड़ रुपये की लागत से 1.33 लाख टन से अधिक खोपरा की रिकॉर्ड खरीद की है, जिससे लगभग 90,000 किसानों को लाभ हुआ है। चालू सत्र में खरीद 2022 की तुलना में 227 प्रतिशत अधिक रही है।

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