जरुरी जानकारी | कोयला खदानों से उठाव को लेकर बुनियादी ढांचा मजबूत बनाने के लिये कई कदम रही है सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोयला मंत्रालय ने कहा है कि सरकार कोयला उठाव से जुड़ी ढांचागत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिये नई रेलवे लाइन बिछाने समेत कई पहल कर रही है।
नयी दिल्ली, चार जनवरी कोयला मंत्रालय ने कहा है कि सरकार कोयला उठाव से जुड़ी ढांचागत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिये नई रेलवे लाइन बिछाने समेत कई पहल कर रही है।
बोलीदाताओं के सवालों के जवाब में कोयला मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत सरकार कोयला क्षेत्र के लिये ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिये प्रतिबद्ध है। सरकार ने कोयला खानों से जीवाश्म ईंधन के उठाव को लेकर कई कदम उठाए हैं। इसमें नई रेलवे लाइन बिछाना और कोयला उठाव से जुड़े बुनियादी ढांचा को सुदृढ़ बनाने के लिये अध्ययन किया जाना शामिल हैं।’’
कोयला मंत्रालय ने पिछले महीने चार कोयला ब्लॉक के लिये बोलियां फिर से आमंत्रित की। वाणिज्यिक खनन के लिये पहले दौर की नीलामी में इन ब्लॉक के लिये निविदा प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था क्योंकि प्रत्येक खदान के लिये तकनीकी रूप से पात्र एक-एक बोलीदाता ही थे।
कोयला मंत्रालय ने अपने जवाब में यह भी कहा कि सरकार ने कोयला उत्पादक क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रस्ताव तैयार किया है और प्रस्ताव पर राज्यों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है।
हालांकि बोलीदाता की यह जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित कानून के अनुरूप जमीन का अधिग्रहण करें।
इससे पहले, कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया एक अरब टन उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिये कोयला उठाव से जुड़ी परियोजनाओं और स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी पर 2023-24 तक पर 1.22 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)