देश की खबरें | सरकार, सांस्कृतिक समाज गैर-व्यावसायिक फिल्म बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं: मजीद मजीदी

नयी दिल्ली, पांच अगस्त जाने-माने ईरानी फिल्म निर्देशक मजीद मजीदी का कहना है कि व्यावसायिक सिनेमा से हटकर फिल्म बनाने की चाहत रखने वाले भारतीय फिल्मकारों को इसके लिए सरकार और सांस्कृतिक समाजों की मदद लेनी चाहिए।

ऑस्कर के लिए नामांकन हासिल करने वाली ईरानी फिल्म 'चिल्ड्रन ऑफ हेवन' के निर्देशक मजीदी ने कहा कि कई फिल्म निर्माताओं ने अकसर शिकायत की है कि फिल्म निर्माण का व्यावसायिक पहलू एक बाधा साबित हुआ है।

फिल्मकार ने कहा, “मुझे लगता है कि यहां सरकार और सांस्कृतिक संगठनों, समाजों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्हें इस प्रकार की फिल्मों के लिए निवेश करने और एक विशेष प्रकार का बजट बनाने की जरूरत है। इससे कुछ ऐसी फिल्में बनाने में मदद मिलेगी जो व्यावसायिक नहीं, बल्कि अधिक प्रेरणादायक और लोगों के लिए अधिक प्रभावी होंगी।”

उन्होंने कहा, "धीरे-धीरे वे अपने दर्शकों को ऐसी कहानियों की ओर बढ़ने के लिए प्रशिक्षित कर सकते हैं जो भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।"

मजीदी (64) यहां जारी जागरण फिल्म फेस्टिवल में एक सत्र के दौरान अभिनेता ईशान खट्टर के साथ बातचीत कर रहे थे।

फिल्म निर्माता ने कहा कि सिनेमा कला के साथ-साथ उद्योग भी है जहां हर फिल्म को पैसे की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा, “बेशक, कुछ फिल्म व्यावसायिक नहीं होतीं, शायद आध्यात्मिक होती हैं। उन्हें उतने दर्शक नहीं मिलते हैं, जितने व्यावसायिक फिल्मों को मिलते हैं... कई भारतीय निर्देशकों ने मुझसे कहा कि वे सिनेमा में इसलिए आए क्योंकि वे 'चिल्ड्रन ऑफ हेवन' से प्रेरित थे लेकिन दुर्भाग्य से फिल्म निर्माण के व्यावसायिक पहलू के कारण वे इस तरह की फिल्म नहीं बना सके।”

मजीदी ने कहा, “उस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें मजबूत और दृढ़ निश्चयी होना होगा। मत भूलो, भारत ने दुनिया को सबसे बड़े फिल्म निर्माताओं में से एक सत्यजीत रे को दिया है।”

मजीदी ने कहा कि उन्होंने "भारत को सत्यजीत रे के सिनेमा के माध्यम से देखा"।

उन्होंने कहा, “मुझे रे के सिनेमा में बहुत दिलचस्पी थी... न सिर्फ मैं, बल्कि ईरान के सबसे बड़े फिल्म निर्माताओं में से एक अब्बास किरोस्तामी भी रे के काम और भारतीय फिल्म जगत से प्रभावित हैं।”

मजीदी ने कहा, "आपके पास बहुत बड़ा खजाना है। हो सकता है कि बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा भारत में आपके पास मौजूद इस खजाने की कीमत नहीं जानता हो।"

वह दुभाषिए के जरिए बातचीत कर रहे थे।

मजीदी ने कहा कि उनकी 2017 की फिल्म "बियॉन्ड द क्लाउड्स" को भारत में बनाने का कारण रे थे।

फिल्म समारोह में, मजीदी को उनकी फिल्म जैसे ‘चिल्ड्रन ऑफ हेवन’, ‘द सॉन्ग ऑफ स्पैरो’ और ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ प्रदर्शित कर सम्मानित किया जा रहा है।

जागरण फिल्म फेस्टिवल रविवार तक राष्ट्रीय राजधानी में चलेगा।

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