जरुरी जानकारी | सरकार किसानों की भलाई के लिये प्रतिबद्ध, एमएसपी प्रणाली मजबूत की गयी : वित्त मंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत की तुलना में कम से कम 1.5 गुना कीमत सुनिश्चित करने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। इसके साथ ही किसानों से अनाजों की खरीद और उनको किया जाने वाला भुगतान तेजी से बढ़ा है।

नयी दिल्ली, एक फरवरी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत की तुलना में कम से कम 1.5 गुना कीमत सुनिश्चित करने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। इसके साथ ही किसानों से अनाजों की खरीद और उनको किया जाने वाला भुगतान तेजी से बढ़ा है।

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि पिछले छह साल में धान, गेहूं, दालों और कपास जैसी फसलों की खरीद कई गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है। सभी जिंसों के लिये उत्पादन की लागत से कम से कम डेढ़ गुना कीमत सुनिश्चित करने के लिये एमएसपी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किये गये हैं।’’

सीतारमण ने कहा, ‘‘किसानों से खरीद लगातार बढ़ रही है। इससे किसानों को किया जाने वाला भुगतान भी काफी बढ़ा है।’’

वित्त मंत्री ने जैसे ही कृषि क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को गिनाना शुरू किया, विपक्षी सांसद तीनों हालिया कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करने लगे।

उल्लेखनीय है कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान दो महीने से अधिक समय से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर तीनों हालिया कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में एमएसपी व्यवस्था के तहत किसानों से की गयी खरीद दिये गये भुगतान के आंकड़े भी गिनाये। उन्होंने कहा, ‘‘गेहूं की खरीद पर 2013-14 में किसानों को 33,874 करोड़ रुपये दिये गये थे, जो बढ़कर 2019-20 में 62,802 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 2020-21 में किसानों को 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। जिन किसानों को लाभ हुआ है, उनकी संख्या भी 2019-20 के 35.57 लाख से बढ़कर 2020-21 में 43.36 लाख पर पहुंच गयी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘धान की खरीद पर किसानों को 2013-14 में 63,928 करोड़ रुपये दिये गये थे। यह बढ़कर 2019-20 में 1,41,930 करोड़ रुपये हो गया। 2020-21 में यह और बेहतर हुआ तथा इसके बढ़कर 1,72,752 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। लाभ पाने वाले धान किसानों की संख्या 2019-20 के 1.2 करोड़ से बढ़कर 2020-21 में 1.54 करोड़ पर पहुंच गयी।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि दालों के मामले में किसानों को 2013-14 में 236 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। यह बढ़कर 2019-20 में 8,285 करोड़ रुपये और 2020-21 में 10,530 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह 2013-14 की तुलना में 40 गुना से अधिक की वृद्धि है।

इसी तरह कपास के किसानों को भुगतान 2013-14 में 90 करोड़ रुपये रहा था, जो 2020-21 में 27 जनवरी तक बढ़कर 25,974 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

RR vs SRH, IPL 2026 36th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 36वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी राजस्थान रॉयल्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

DC vs PBKS, IPL 2026 35th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 35वें मुकाबले में पंजाब किंग्स को हराकर जीत की लय हासिल करना चाहेगी दिल्ली कैपिटल्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

RCB vs GT, IPL 2026 34th Match Live Score Update: एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात टाइटंस के बीच खेला जा रहा हैं रोमांचक मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

RCB vs GT, IPL 2026 34th Match Live Toss And Scorecard: एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड