देश की खबरें | केरल में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सरकार सतर्क: वन मंत्री

तिरुवनंतपुरम, 11 फरवरी केरल में वन्यजीवों के हमलों की बढ़ती घटनाओं के बीच राज्य के वन मंत्री ए. के. ससींद्रन ने मंगलवार को कहा कि जंगली जानवर मानव बस्तियों में न घुसें, इसके लिए सरकार प्रभावी कदम उठा रही हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समस्या का पूरी तरह समाधान कब होगा, यह कहना मुश्किल है।

मंत्री ने राज्य विधानसभा को सूचित किया कि वन क्षेत्र के भीतर ही जानवरों के लिए पर्याप्त भोजन और पानी सुनिश्चित करके खतरे का स्थायी समाधान खोजने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति-'मिशन खाद्य, चारा और पानी' को लागू करने की पहल चल रही हैं।

मन्नारक्कौड के विधायक ए. एन. शम्सुद्दीन ने हाल ही में वायनाड में बाघ के हमले में एक आदिवासी महिला की मौत का मामला सदन में उठाया था जिसके जवाब में वन मंत्री ने यह जानकारी दी।

विधायक ने सरकार पर मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से न लेने और बार-बार एक जैसे जवाब देने का आरोप लगाया। ससींद्रन ने विपक्षी विधायक के आरोपों को खारिज कर कहा कि यह टिप्पणी 'अफसोसजनक' थी।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन, जंगल की आग, कचरा निस्तारण, अवैध पर्यटन और कृषि गतिविधियों को इस समस्या का प्रमुख कारण बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।

ससींद्रन ने यह भी आश्वासन दिया कि अगर वन विभाग के अधिकारी समय पर निर्णय लेने और आवश्यक कार्रवाई करने में विफल रहते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

वायनाड में हाथी के संदिग्ध हमले में एक आदिवासी व्यक्ति की मौत के मामले पर मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को जरूरी सहायता देने के निर्देश पहले ही जारी कर चुकी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)