जरुरी जानकारी | सरकार की मोबाइल फोन विनिर्माण के 16 प्रस्तावों को मंजूरी, निवेश होंगे 11,000 करोड़ रुपये
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के 11,000 करोड़ रुपये के निवेश वाले 16 मोबाइल फोन विनिर्माण प्रस्तावों को मंगलवार को मंजूरी दे दी। इसके तहत ये कंपनियां अगले पांच साल में करीब 10.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बनाएंगी।
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर सरकार ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के 11,000 करोड़ रुपये के निवेश वाले 16 मोबाइल फोन विनिर्माण प्रस्तावों को मंगलवार को मंजूरी दे दी। इसके तहत ये कंपनियां अगले पांच साल में करीब 10.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बनाएंगी।
इनमें आईफोन बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी एपल की अनुबंध विनिर्माता फॉक्सकॉन होन हाई, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा सैमसंग और राइजिंग स्टार के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।
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घरेलू कंपनियों में लावा, भगवती (माइक्रोमैक्स), पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स (डिक्सॉन टेक्नोलॉजीस), यूटीएल नियोलिंक्स और ऑप्टिमस के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गयी।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत 16 योग्य आवेदकों के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।’’
बयान में कहा गया है कि योजना के तहत जिन कंपनियों को मंजूरी दी गयी है वह अगले पांच साल में दो लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेंगी। जबकि इससे करीब तीन गुना अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होगा।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ योजना के तहत मंजूरी पाने वाली कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में करीब 11,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश भी लाएंगी।’’
व्यापक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) एक अप्रैल 2020 को अधिसूचित की गयी थी।
बयान में कहा गया है कि योजना के तहत मंजूरी पायी कंपनियों के अगले पांच साल में 10.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन उत्पादित करने की उम्मीद है।’’
इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा श्रेणी में एटीएंडएस, एसेंट सर्किट्स, विजिकॉन, वालसिन, सहस्रा और नियोलिंक के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गयी।
पीएलआई योजना के तहत सरकार लक्षित श्रेणी के भारत में विनिर्मित सामान की क्रमिक बिक्री पर योग्य कंपनियों को चार से छह प्रतिशत का प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन 2019-20 को आधार वर्ष मानकर दिया जाएगा।
इस योजना के तहत विदेशी कंपनियों के 15,000 रुपये या उससे अधिक मूल्य के मोबाइल फोन को प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा। जबकि घरेलू कंपनियों के लिए इस तरह की कोई सीमा नहीं रखी गयी है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि घरेलू और वैश्विक मोबाइल फोन एवं फोन उपकरण विनिर्माता कंपनियों के आवेदन करने के संदर्भ में पीएलआई योजना ने बड़ी सफलता अर्जित की है।
बयान में प्रसाद के हवाले से कहा गया है, ‘‘ हम देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए मजबूत पारितंत्र और मूल्य श्रृंखला खड़ी करने को लेकर आशावान है। साथ ही इसका एकीकरण वैश्विक मूल्य श्रृंखला के साथ भी करेंगे ताकि देश में इसके विनिर्माण के माहौल को बेहतर किया जा सके।’’
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