देश की खबरें | केरल में मादक पदार्थों की समस्या से मिलकर निपटेंगे सरकार और विपक्ष
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी समूह संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे से मिलकर लड़ने का संकल्प लिया है।
तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी समूह संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे से मिलकर लड़ने का संकल्प लिया है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने बुधवार को विधानसभा में अपने संबोधन में मादक पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जाने वाले कड़े कदमों की घोषणा की।
विजयन ने मादक पदार्थों की चुनौती से निपटने के लिए जिन उपायों की घोषणा की, उनमें बिना किसी मुकदमे के आदतन अपराधियों को दो साल तक हिरासत में रखना, स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दंडित लोगों का डेटा बैंक तैयार करना और अपराधियों के लिए अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के कदम शामिल हैं।
कांग्रेस विधायक पी सी विष्णुनाथ ने जब राज्य में मादक पदार्थों के मामलों में खतरनाक वृद्धि के मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव की मांग की तब सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने इसको लेकर चर्चा की।
केरल में 2022 में अब तक मादक पदार्थों से संबंधित 16 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
पी सी विष्णुनाथ ने कहा कि समाज में मादक पदार्थों से जुड़ी इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए सरकार को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या राज्य के लिए एक बड़ा अभिशाप बन गयी है, इसकी तस्करी में शामिल अपराधी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को भी निशाना बनाते हैं।
विधायक ने एक स्कूल की एक कथित घटना का भी उल्लेख किया जहां 14 वर्षीय एक लड़के ने 11 बच्चों को मादक पदार्थ देकर उनका यौन शोषण किया।
मुख्यमंत्री विजयन ने अपने जवाब में कहा कि यह एक निर्विवाद तथ्य है कि राज्य में मादक पदार्थों की खपत और उससे संबंधित व्यापार कुछ समय से समाज के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी विशेष राज्य या देश तक ही सीमित नहीं है और एलडीएफ सरकार इससे अत्यंत गंभीरता से निपट रही है।
विजयन ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों की गिरफ्तारियों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है और यह सरकारी एजेंसियों द्वारा किए गए ठोस प्रयासों का ही परिणाम है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)