ताजा खबरें | सरकार ने अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की वकालत की

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि आईएएस और आईपीएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं की तर्ज पर समुचित ढंग से बनायी गयी अखिल अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) न्याय प्रदान करने की समग्र प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण होगी।

नयी दिल्ली, 18 मार्च कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि आईएएस और आईपीएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं की तर्ज पर समुचित ढंग से बनायी गयी अखिल अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) न्याय प्रदान करने की समग्र प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण होगी।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि यह सेवा अखिल भारतीय योग्यता चयन प्रणाली के जरिये योग्य नयी विधिक प्रतिभाओं के चयन के साथ साथ सामाजिक समावेश के मुद्दे का समाधान करेगी। इससे समाज के वंचित एवं हाशिये पर गये वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।

एआईजेएस के गठन के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया गया था और नवंबर, 2012 में सचिवों की एक समिति द्वारा इसे मंजूरी दी गयी थी। इस प्रस्ताव को अप्रैल 2013 में आयोजित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में एजेंडा के एक विषय के रूप में शामिल किया गया था।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय लिया गया था कि इस मुद्दे पर और विचार-विमर्श किये जाने की आवश्यकता है। इस प्रस्ताव पर राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के विचार मांगे गए थे।

उन्होंने कहा, "अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन पर राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों अलग अलग राय थी। कुछ राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों ने जहां प्रस्ताव का पक्ष लिया, वहीं कुछ राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों ने एआईजेएस के निर्माण के पक्ष में नहीं थे। कुछ अन्य केंद्र सरकार द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव में बदलाव करना चाहते थे।’’

अप्रैल 2015 में आयोजित मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन के एजेंडे में उच्च न्यायालयों और राज्य सरकारों के विचारों के साथ एआईजेएस के गठन के प्रस्ताव को शामिल किया गया था।

उन्होंने कहा, "हालांकि, इस विषय पर कोई प्रगति नहीं हुई और जिला न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने के लिए मौजूदा प्रणाली के भीतर उचित तरीकों को विकसित करने के लिए इसे संबंधित उच्च न्यायालय के विचार के लिए छोड़ने का निर्णय लिया गया ... सरकार एक समान आधार पर पहुंचने के लिए सभी पक्षों के साथ परामर्श की प्रक्रिया लगी हुई है।"

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