देश की खबरें | गोपाल राय ने दिल्लीवासियों से 'आप' की 'महारैली' में भाग लेने का आग्रह किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को लोगों से राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ 11 जून को होने वाली पार्टी की महारैली में शामिल होने का आग्रह किया।

नयी दिल्ली, छह जून आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को लोगों से राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ 11 जून को होने वाली पार्टी की महारैली में शामिल होने का आग्रह किया।

केंद्र सरकार ने ‘दानिक्स’ (दिल्ली, अंडमान- निकोबार, लक्षद्वीप, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली (सिविल) सेवा) काडर के ‘ग्रुप-ए’ अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए ‘राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण’ गठित करने के उद्देश्य से 19 मई को एक अध्यादेश जारी किया था। इससे दिल्ली में सेवाओं पर केंद्र का दोबारा नियंत्रण हो गया था।

गौरतलब है कि अध्यादेश जारी किए जाने से महज एक सप्ताह पहले ही 11 मई को उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस, कानून-व्यवस्था और भूमि को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं का नियंत्रण दिल्ली सरकार को सौंप दिया था।

गोपाल राय ने सिविल लाइंस इलाके में मंगलवार को घर-घर अभियान के दौरान केंद्र सरकार के अध्यादेश पर चर्चा करने के लिए लोगों के साथ बातचीत की और उन्हें रैली में शामिल होने और अध्यादेश के विरोध में आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर मंडल में 'महारैली मंडल कमेटियां' बनाई गई हैं और 11 जून को रामलीला मैदान में होने वाली रैली के लिए अब तक लगभग 2,000 बैठकें हो चुकी हैं।

दिल्ली सरकार में मंत्री ने कहा, ‘‘ उच्चतम न्यायालय के फैसले के तहत चुनी हुई सरकार को दिल्ली में सेवाओं पर नियंत्रण करने का अधिकार दिया गया था, ताकि दिल्ली के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जा सके, इसके बाद दिल्ली सरकार ने अपने कार्यों को और अधिक कुशलता से पूरा करने के लिए सशक्त महसूस किया था। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री ने एक अध्यादेश के माध्यम से उच्चतम न्यायालय के फैसले की अवहेलना की है, इसलिए दिल्ली के लोगों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया है। नतीजतन, दिल्ली के नागरिक निराश और हताश हैं, वे सोच रहे हैं कि उनके मतदान अधिकारों का अपमान क्यों किया जा रहा है। ’’

इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अध्यादेश के खिलाफ समर्थन हासिल करने के लिए गैर-भाजपा दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं ताकि संसद में विधेयक लाए जाने पर इसे बदलने की केंद्र की कोशिश विफल हो जाए।

केजरीवाल बुधवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे।

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