जरुरी जानकारी | कसीनो पर जीएसटी लगाने के बारे में जीओएम की 12 जुलाई को बैठक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कसीनो, ‘ऑनलाइन गेमिंग’ और घुड़दौड़ पर जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर गठित मंत्री समूह (जीओएम) की मंगलवार को होने वाली बैठक में इन गतिविधियों पर करारोपण से संबंधित प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

नयी दिल्ली, आठ जुलाई कसीनो, ‘ऑनलाइन गेमिंग’ और घुड़दौड़ पर जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर गठित मंत्री समूह (जीओएम) की मंगलवार को होने वाली बैठक में इन गतिविधियों पर करारोपण से संबंधित प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित मामलों में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था जीएसटी परिषद की गत जून में हुई पिछली बैठक में इस मसले पर अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए जीओएम के सुपुर्द कर दिया गया था। जीओएम को 15 जून तक ‘ऑनलाइन गेमिंग’, कसीनो एवं घुड़दौड़ पर अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था।

इस मंत्री समूह के सदस्य और उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यहां उद्योग मंडल फिक्की की तरफ से आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि जीओएम की इस मसले पर 12 जुलाई को बैठक होने वाली है। इसमें इन गतिविधियों पर कर लगाने से जुड़ी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

जीओएम ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ सट्टेबाजी एवं जुआ की श्रेणी में आने वाली गतिविधियां हैं और इन पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाना चाहिए।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले जीओएम ने अपनी अनुशंसा में कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग’ में समूची राशि पर कर लगाया जाना चाहिए। इसमें ‘गेम’ का हिस्सा बनने के लिए दिया जाने वाला प्रवेश शुल्क भी शामिल है।

वहीं घुड़दौड़ के मामले में मंत्री समूह ने कहा है कि सट्टे के पूरे मूल्य पर शुल्क लगना चाहिए।

इसी तरह कसीनो पर दी गई अपनी सिफारिश में समूह ने कहा है कि दांव लगाने के लिए कसीनो से खरीदे गए चिप के पूरे अंकित मूल्य पर जीएसटी लगाया जाए। लेकिन सट्टेबाजी के हरेक दौर में लगाए गए सट्टे की कीमत पर अलग से जीएसटी नहीं लगेगा।

जीओएम की रिपोर्ट पर जीएसटी परिषद में विचार किए जाते समय गोवा के उद्योग मंत्री मॉविन गोडिन्हो ने कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग एवं घुड़दौड़ की तुलना में कसीनो पर शुल्क लगाने की अलग व्यवस्था की जरूरत पर विस्तार से चर्चा की जानी चाहिए। उसके बाद जीओएम को 15 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट देने को कहा गया।

प्रेम

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\