देश की खबरें | सोने की तस्करी का मामला : मुख्यमंत्री ने आरोपों को किया खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले केरल को हिलाकर रख देने वाला सनसनीखेज सोने की तस्करी का मामला सत्तारूढ़ एलडीएफ को परेशान करने के लिए वापस आ गया है।
तिरुवनंतपुरम/कोच्चि, सात जून पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले केरल को हिलाकर रख देने वाला सनसनीखेज सोने की तस्करी का मामला सत्तारूढ़ एलडीएफ को परेशान करने के लिए वापस आ गया है।
इस मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनके परिवार के सदस्यों और कुछ शीर्ष नौकरशाहों के खिलाफ कुछ आरोप लगाए।
एक ओर जहां, मुख्यमंत्री ने सुरेश के अपने और अन्य के खिलाफ तस्करी गतिविधियों के आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य के शीर्ष पद से उनके इस्तीफे की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कहा कि विजयन ने राज्य के मुख्यमंत्री बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और पार्टी के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने विजयन का बचाव करते हुए बयान जारी किए। वाम दलों ने सुरेश के आरोपों के पीछे विजयन के नेतृत्व वाली सरकार की छवि खराब करने के लिए ‘राजनीतिक साजिश’ का आरोप लगाया।
यह सब तब शुरू हुआ जब सुरेश ने कोच्चि में एक मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश होने के बाद कहा कि उन्होंने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत एक बयान दिया है, जिसमें तस्करी गतिविधियों में मुख्यमंत्री, उनके परिवार के कुछ सदस्यों और शीर्ष नौकरशाहों की भूमिका का वर्णन किया गया है।
आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने एक बयान में आरोपों को निराधार करार दिया और कहा कि यह ''राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा'' है।
विजयन ने कहा ''इस तरह के एजेंडे को पहले लोगों ने खारिज कर दिया था। एक समय के बाद आरोपी द्वारा मामले में पुरानी बातों को दोहराया जा रहा है। इसमें तथ्य का लेसमात्र भी नहीं है।''
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के आरोप लगाने वालों को लगता है कि फिर से झूठ फैलाकर उनकी सरकार और उसके राजनीतिक नेतृत्व की इच्छा को चकनाचूर किया जा सकता है, तो वह सफल नहीं होंगे।
युवा कांग्रेस और भाजपा के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में सचिवालय तक अलग-अलग मार्च निकाले।
विजयन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे आंदोलनकारी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का सहारा लिया। विपक्ष ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)