जरुरी जानकारी | वैश्विक चिंता से बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 844 अंक और टूटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स करीब 844 अंक टूटकर बंद हुआ। विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के नीतिगत दर में वृद्धि के साथ कमजोर वैश्विक रुख और यूक्रेन में युद्ध तेज होने से धारणा प्रभावित हुई।
मुंबई, 11 अक्टूबर घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स करीब 844 अंक टूटकर बंद हुआ। विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के नीतिगत दर में वृद्धि के साथ कमजोर वैश्विक रुख और यूक्रेन में युद्ध तेज होने से धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 843.79 अंक यानी 1.46 प्रतिशत लुढ़ककर 57,147.32 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 257.45 अंक यानी 1.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,983.55 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के तीस शेयरों में से इंडसइंड बैंक सबसे ज्यादा 3.70 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा नेस्ले इंडिया, टाटा स्टील, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, डॉ. रेड्डीज और एचयूएल प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, केवल दो शेयर... एक्सिस बैंक और एशियन पेंट्स 1.15 प्रतिशत तक के लाभ में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर जारी संकट के कारण उत्पन्न उठा-पटक को देखते हुए निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। साथ ही वे आर्थिक नरमी को लेकर भी चिंतित हैं। निवेशक मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होने से पहले भी सतर्क हैं। इससे आईटी कंपनियों के बेहतर परिणाम आने शुरू होने का बाजार पर सकारात्मक असर दिखाई नहीं दिया।’’
उन्होंने कहा कि हालांकि दुनिया के अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में, घरेलू बाजार में बिक्री आक्रामक नहीं है। एफआईआई जो बिकवाली कर रहे हैं, उसकी भरपाई काफी हद तक घरेलू संस्थागत निवेशक कर रहे हैं।’’
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने सोमवार को कहा कि उसका शुद्ध लाभ सितंबर तिमाही में 8.4 प्रतिशत बढ़कर 10,431 करोड़ रुपये रहा। जबकि आय 18 प्रतिशत बढ़कर 55,309 करोड़ रुपये रही।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार पर वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर है। घरेलू निवेशक इससे बाहर निकलने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन व्यापक स्तर पर उतार-चढ़ाव से कामयाब नहीं हो पा रहे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक कारणों से बाजार पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है। अगले कुछ दिनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई जैसे वृहत आर्थिक आंकड़ों समेत अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होना है। निवेशकों की इसपर नजर होगी।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट लाभ में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को नुकसान में रहा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 2.59 प्रतिशत घटकर 93.70 डॉलर प्रति बैरल रहा।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे की बढ़त के साथ 82.35 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 2,139.02 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2022 05:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

