जरुरी जानकारी | ग्लेमार्क ने कहा, फेबिफ्ल्यू आर्थिक लिहाज से बेहतर, कोविड- 19 के इलाज के लिये है प्रभावी विकल्प

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नयी दिल्ली, 21 जुलाई दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने मंगलवार को कहा है कि उसकी वायरसरोधी दवा फेविपिराविर का जेनेरिक रूप ‘फेबिफ्ल्यू’ कोविड- 19 के आपातकालीन इलाज के लिये मंजूरी प्राप्त बाजार में उपलब्ध अन्य दवाओं की तुलना में अधिक किफायती और कारगर है।

कंपनी ने भारत के दवा महा नियंत्रक (डीसीजीआई) के एक नोटिस के जवाब में यह कहा। डीसीजीआई ने कंपनी से उसकी इस दवा की कीमत और गुणों के बारे में एक सांसद द्वारा उठाए गए सवालों और चिंताओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। डीसीजीआई को उक्त सांसद से शिकायत प्राप्त हुई थी अन्य बीमारियों से ग्रसित कोविड- 19 संक्रमित मरीजों पर फेबिफल्यू के इस्तेमाल को लेकर कंपनी ने ‘‘मिथ्या दावा’’ किया है और दवा का दाम भी ऊंचा है।

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डीसीजीआई ने रविवार को ग्लेनमार्क से इस पर स्पष्टीकरण मांगा था।

ग्लेनमार्क ने बंबई शेयर बाजार को भेजी जानकारी में कहा है, ‘‘कोविड- 19 के इलाज में आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल के लिये मंजूरी प्राप्त अन्य दवाओं के मुकाबले फबिफ्लयू कहीं ज्यादा सस्ती और प्रभावी इलाज का विकल्प उपलब्ध कराती है ... ।’’

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कंपनी ने कहा है कि भारत में उसकी दवा का दाम अन्य देशों के मुकाबले जहां इस दवा को मंजूरी प्राप्त है, काफी कम हैं। ग्लेनमार्क ने दावा किया है कि जहां भारत में उसकी दवा का दाम 75 रुपये प्रति गोली है, वहीं रूस में यह 600 रुपये प्रति गोली, जापान में 378 रुपये, बांग्लादेश में 350 रुपये और चीन में 215 रुपये प्रति गोली है।

डीसीजीआई वी जी सोमानी को भेजे पत्र में कंपनी ने कहा है कि उसने भारत में दवा का दाम पहले ही 103 रुपये से घटाकर 75 रुपये प्रति टेबलेट कर दिया है। दवा के दाम में यह कमी उसके बेहतर परिणाम और बड़े पैमाने पर काम शुरू करने के बल पर हो पाया है। दवा के लिये तमाम सामग्री और फाम्र्यूलेशन कंपनी की भारत स्थित खुद के कारखाने में ही विनिर्मित होते हैं।

कंपनी ने कहा कि उसने इस तरह का कोई झूठा दावा नहीं किया है कि उसकी दवा कोविड- 19 के साथ ही दूसरी बीमारियों से ग्रसित मरीजों पर भी उसका दवा फविपिराविर प्रभावी है। दवा का तीसरे चरण का चिकित्सकीय परीक्षण इन्हीं परिस्थितियों के मूल्यांकन पर केन्द्रित था।

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