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बीएमडब्ल्यू की फैक्ट्री के लिए जर्मन गांव ने दिखाई हरी झंडी

जर्मनी के छोटे से गांव ने कार बनाने वाली कंपनी, बीएमडब्ल्यू को एक प्लांट खोलने की भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है.

बीएमडब्ल्यू की फैक्ट्री के लिए जर्मन गांव ने दिखाई हरी झंडी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी के छोटे से गांव ने कार बनाने वाली कंपनी, बीएमडब्ल्यू को एक प्लांट खोलने की भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है. बीते सालों में कंपनियों के लिए प्लांट बनाना पर्यावरण और दूसरी वजहों से मुश्किल होता जा रहा है.जर्मनी के बवेरिया प्रांत के गांव स्टार्सकिर्षेन ने जनमत-संग्रह कर यह निर्णय लिया. कार बनाने वाली कंपनी बीएमडबल्यू कोशिश कर रहा है कि इलेक्ट्रिक कारों के लिए ज्यादा से ज्यादा बैटरी बना पाये. पर्यावरणकी चिंताओं के बीच इस तरह की परियोजनाओं को स्थानीय लोगों की मंजूरी मिलने में दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं.

जनमत संग्रह में भारी बहुमत से लोगों ने प्लांट के निर्माण को मंजूरी दी. धीमी वैश्विक मांग और उच्च ऊर्जा लागत के बीच जर्मन उद्योग में अभी गिरावट दिख रही है. इस परियोजना को "मेड इन जर्मनी" सामानों के लिए भविष्य में विश्वास मत के रूप में पेश किया गया है.

जर्मन कार उद्योग को झटका देता चीन

बीएमडब्ल्यू के लिए अहम फैसला

फैक्ट्री बनाने की मंजूरी मिलने के बाद बीएमडबल्यू वहां बैटरी बनाने का प्लांट लगाएगी. कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स के अध्यक्ष, इल्का होर्स्टमायर ने कहा, "यह निर्णय बीएमडब्ल्यू के लिए बहुत जरूरी था क्योंकि इससे कंपनी को भविष्य में आर्थिक गतिविधियों में मदद मिलेगी.”

बीएमडब्ल्यू तेजी से कोशिश कर रहा है कि वह पारंपरिक इंजन वाली गाड़ियों की बजाए इलेक्ट्रिक कारों की ओर जाये. प्रोजेक्ट के अध्यक्ष, अलेक्जेंडर कीय ने कहा कि, "इस नयी फैक्ट्री में कंपनी करोड़ों यूरो का निवेश करना चाहती है.” इस फैक्ट्री में करीब 3,200 लोगों को नौकरी मिलेगी और यहां लगभग 6,00,000 हाई-वोल्टेज बैटरी एक साल में बनेगी.

गांव के लोगों की चिंता

स्टार्सकिर्शेन के लोगों को डर था कि यह फैक्ट्री बवेरिया की जंगलों के बहुत ही पास है और उनके छोटे से गांव को एक औद्योगिक जोन बना दिया जाएगा. गांव के प्रतिनिधी और प्लांट का विरोध कर रहे थोमास स्पोत्जेल ने कहा, "100 हेक्टेयर से अधिक प्रमुख कृषि योग्य भूमि हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी."

लोगों की राय में बंटवारा उभर के आया क्योंकि दूसरे गुट के प्रतिनिधी ने कहा कि फैक्ट्री लोगों के लिए बहुत बड़ा मौका है. प्लांट का समर्थन कर रहे गुट के प्रतिनिधी मार्टिन गोएट्ज का कहना है, "जर्मनी और बवेरिया में सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और जोर को आगे ले जाने और लोगों को अच्छी नौकरी के अवसर देने का यह अच्छा प्लान है.”

ऊर्जा संकट में अब उत्तरी जर्मनी बन रहा है जर्मन कार उद्योग की पसंद

जनमत संग्रह में बीएमडब्ल्यू की जीत ने हाल में यूरोप छोड़ कर जाने वाली कंपनियों से उलट एक नई तस्वीर पेश की है. बीते महीनों में कई कंपनियों के प्लांट ऊर्जा की महंगाई बढ़ने के कारण बंद हुए हैं. बवेरिया के इस इलाके से भी कई फैक्ट्रियां बंद हुई हैं.

जर्मनी चीन पर निर्भरता घटाने की कोशिशों में स्थानीय स्तर पर उद्योगों को मदद दे रहा है. बैट्री और चिप बनाने में खासतौर से कंपनियों को चीन से छुटकारा दिलाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं. बीएमडब्ल्यू कार बनाने वाली जगह के पास ही बैट्री बनाने की सुविधा चाहता था और इस लिहाज से उसके लिए यह इलाका काफी जरूरी था. कंपनी ने हंगरी, अमेरिका, चीन, मेक्सिको के कार प्लांटों के पास पहले ही बैट्री के लिए प्लांट बना लिए हैं.

एसडी/एनआर (एएफपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2023 05:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).