विदेश की खबरें | लैंगिक और संपत्ति संबंधी असमानताएं भारतीय बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर असर डालते हैं : अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारत में गरीब बच्चे धनी घर के बच्चों की तुलना में शैक्षणिक रूप से वंचित महसूस करते हैं, जबकि लड़कों की तुलना में लड़कियां भी शिक्षा के मामले में पिछड़ापन महसूस करती हैं। एक नये अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह जानकारी दी है।
लंदन, 11 जुलाई भारत में गरीब बच्चे धनी घर के बच्चों की तुलना में शैक्षणिक रूप से वंचित महसूस करते हैं, जबकि लड़कों की तुलना में लड़कियां भी शिक्षा के मामले में पिछड़ापन महसूस करती हैं। एक नये अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह जानकारी दी है।
बर्मिंघम और ईस्ट एंगलिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने शनिवार को ब्रिटिश एजुकेशनल रिसर्च जर्नल में अपने शोध पत्र ‘पिकिंग विनर्स : एन इंपीरिकल एनालिसिस ऑफ द डेट्रीमिनेंट्स ऑफ एजुकेशनल आउटकम्स इन इंडिया’ को प्रकाशित किया।
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शोध को डॉ. क्रिश्चियन डारको और डॉ. निकोलस वासीलाकोस ने संयुक्त रूप से प्रकाशित किया। डॉ. डारको बर्मिंघम बिजनेस स्कूल के एप्लाइड बिजनेस एंड लेबर इकोनॉमिक्स में व्याख्याता हैं वहीं डॉ. वासीलाकोस नॉर्विच बिजनेस स्कूल में इंटरनेशनल बिजनेस के व्याख्याता हैं।
डारको ने बताया, ‘‘हमारे निष्कर्ष में पता चला कि पारिवारिक पृष्ठभूमि लड़कियों और लड़कों को विभिन्न पहलुओं और शिक्षा के विषयों पर अलग तरीके से प्रोत्साहित करते हैं। हमने यह भी पाया कि लड़कों और लड़कियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में विभिन्नता माता-पिता की उम्मीदों और बच्चों से अपेक्षाओं पर भी निर्भर करती है।’’
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निष्कर्षों में यह भी पाया गया कि नामांकन दर में बढ़ोतरी और लड़के एवं लड़कियों के लिए शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की खातिर शैक्षणिक सुधार के बावजूद बच्चों की शिक्षा पर लैंगिक और संपत्ति के अंतर का असर पड़ता है।
डारको ने बताया, ‘‘चूंकि संस्कृति में बदलाव काफी कठिन है इसलिए शैक्षणिक नीति के इतर हस्तक्षेप की जरूरत है।’’
वासीलाकोस ने कहा, ‘‘हमारे परिणाम में दिखता है कि धनाढ्य परिवारों के बच्चों के शैक्षणिक परिणाम गरीब परिवार के बच्चों की तुलना में अच्छे हैं। इसी तरह से लैंगिक असमानता का भी असर पड़ता है।’’
उन्होंने कहा कि खासकर धनी परिवारों में जन्मे लड़कों का गणित में प्रदर्शन आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार में जन्मे बच्चों की तुलना में ज्यादा बेहतर होता है।
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