देश की खबरें | गहलोत ने कृषि कानूनों को बताया काला कानून, कहा: किसान हित में उचित कदम उठाएंगे

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर, 10 अक्टूबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित कृषि संबंधी कानूनों को 'काला कानून' करार देते हुए शनिवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों के हित में उचित कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री यहां बिड़ला सभागार में इन कानूनों के खिलाफ यहां कांग्रेस के राज्यस्तरीय कृषि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

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राज्य सरकार द्वारा इन कानूनों के खिलाफ कदम उठाए जाने का संकेत देते हुए गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि राज्य सरकारों को इस पर विचार करना चाहिए।

गहलोत ने कहा,‘‘हम चाहेंगे कि हम उनके सुझाव पर विचार करें। विधानसभा बुलाकर उस पर विचार करें .. खुलकर बातचीत करें।’’

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मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ राज्य सरकार कानून बन चुके इन विधेयकों के बारे में परीक्षण करवा रही है कि संविधान के तहत राज्यों को कानून बनाने के जो अधिकार दिए गए हैं उसके तहत क्या किया जा सकता है। इस बारे में जल्द ही फैसला कर लिया जाएगा। किसानों के हित में जो भी होगा उसमें कमी नहीं आने देंगे और जल्द ही सरकार के फैसले से आप अवगत होंगे।’’

गहलोत ने कहा, ‘‘राजस्थान सरकार हमेशा किसानों के संग खड़ी मिलेगी। हमने किसानों के हित में हमेशा वही कदम उठाए हैं जिससे उन्हें बड़े पूंजीपतियों, बड़ी कंपनियों से बचाया जा सके।’’

इससे पहले गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से उपजे संकट के बीच जल्दबाजी में इस तरह विधेयक लाने व उन्हें पारित करवाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा,‘‘ क्या जरूरत पड़ गयी ये तीन काले कानून लाने की? क्या आपात स्थिति थी कि ये कानून इस वक्त लाए गए।’’

उन्होंने कहा कि राज्यसभा में जिस तरह से इन कानूनों को पारित किया गया उससे सरकार की नीयत में खोट साफ दिखती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोरोना वायरस संकट, आर्थिक संकट, चीन की चुनौती जैसी वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय लोगों का ध्यान बंटाने, उन्हें भ्रमित करने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है।

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी संसद में हाल ही में पारित कृषि संबंधी तीन कानूनों को काला कानून बताते हुए कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कोरोना को खत्म करने के बजाय किसानों को समाप्त करने पर तुली है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को किसानों के बीच जाकर इस बारे में बताना होगा। उन्होंने कहा कि इनमें से एक में मंडी व्यवस्था व समर्थन मूल्य को खत्म करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिए यह कानून लेकर आई है।

उन्होंने कहा कि किसान का अगर किसी ने भला चाहा है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है।

कार्यक्रम में राज्य सरकार के अनेक मंत्री, विधायक व किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।

पृथ्वी

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