गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, जीडीपी आंकडों ने दिया संकेत, भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ेगी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यहां कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है. यह बात जीडीपी के ताजा आंकड़ों से साफ है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक वृद्धि को सर्व-समावेशी बनाने के लिए कदम उठाए हैं.
अहमदाबाद, 2 दिसंबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यहां कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है. यह बात जीडीपी के ताजा आंकड़ों से साफ है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक वृद्धि को सर्व-समावेशी बनाने के लिए कदम उठाए हैं. शाह ने 'माटी कला महोत्सव' को संबोधित करते हुए कहा कि खादी क्षेत्र के कारोबार में तीन गुना वृद्धि का मतलब बहुत बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल के साथ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बढ़ते आंकड़े अधिक मानवीय हो जाएंगे.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की बदौलत खादी लोगों के लिए स्वतंत्रता आंदोलन की तुलना में और अधिक आकर्षक बन गई है. शाह ने कहा, ''भारत के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि हम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बने हुए हैं. मोदीजी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है. हमारी अर्थव्यवस्था पहले 11वें स्थान पर थी, और अब 5वें स्थान पर है. साथ ही मोदीजी ने अर्थव्यवस्था को सर्व-समावेशी बनाने के लिए कदम उठाए हैं.''
बृहस्पतिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 7.6 प्रतिशत रही. एक साल पहले इसी तिमाही में यह 6.2 प्रतिशत थी. शाह ने कहा, ''खादी बिक्री में तीन गुना वृद्धि का मतलब है कि लाखों-करोड़ों लोगों के लिए नौकरियां पैदा करना. जब आप उन्हें नौकरी देते हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हैं, उनके घरों में खुशियां फैलाते हैं, तो जीडीपी के बढ़ते आंकड़े मानवीय बन जाते हैं.
इन उपायों से जीडीपी तो बढ़ती है, लेकिन इनसे करोड़ों लोगों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और खुशी भी आती है.'' उन्होंने कहा कि मोदी ने न केवल खादी के विचार को पुनर्जीवित किया बल्कि इसे आम लोगों के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाया. शाह ने कहा, ''मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' के नारे को स्वदेशी और रोजगार से जोड़ने का काम किया. उनके दृढ़ संकल्प से कमजोर हुआ खादी का आंदोलन आज नए आयाम छू रहा है.''
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2023 07:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

