देश की खबरें | गौहाटी उच्च न्यायालय ने असम सरकार से पुलिस मुठभेड़ों की जानकारियां देने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गौहाटी उच्च न्यायालय ने सोमवार को असम सरकार से मई 2021 में राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आने के बाद हुई मुठभेड़ों के सभी मामलों की जानकारियां देने निर्देश दिया। ।
गुवाहाटी, तीन जनवरी गौहाटी उच्च न्यायालय ने सोमवार को असम सरकार से मई 2021 में राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आने के बाद हुई मुठभेड़ों के सभी मामलों की जानकारियां देने निर्देश दिया। ।
वकील आरिफ मोहम्मद यासीन ज्वाद्दर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की पीठ ने असम के महाधिवक्ता देवजीत लोन सैकिया को मुठभेड़ों से संबंधित सभी जानकारियां देने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने पूछा कि क्या प्रत्येक मुठभेड़ पर कोई प्राथमिकी दर्ज है जैसा कि कानून में प्रावधान है या मुठभेड़ों के बारे में कोई आंतरिक जांच की गयी है। सैकिया के पास इसकी जानकारी नहीं थी और इसके बाद अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई में जानकारियां देने उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तारीख तय की।
वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने याचिकाकर्ता की ओर से मामले में दलीलें दीं। याचिकाककर्ता ने जनहित याचिका में दावा किया कि इस साल मई में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के कार्यभार संभालने के बाद से कथित आरोपियों और असम पुलिस के बीच 80 से अधिक ‘‘फर्जी’’ मुठभेड़ हुई। इसमें 28 लोगों की मौत हुई और 48 से अधिक घायल हुए।
जनहित याचिका में दावा किया गया है कि मारे गए या घायल हुए लोग खूंखार अपराधी नहीं थे और सभी मुठभेड़ों में पुलिस की कार्य प्रणाली एक जैसी रही है। याचिका में इन मुठभेड़ों की सीबीआई, एसआईटी जैसी स्वतंत्र एजेंसी या अन्य राज्यों के पुलिस दलों से जांच कराने की मांग की गयी है।
ज्वाद्दर ने 10 जुलाई को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में कथित फर्जी मुठभेड़ों पर शिकायत दर्ज करायी थी। असम मानवाधिकार आयोग ने कथित फर्जी मुठभेड़ों पर स्वत: संज्ञान लिया था और असम सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।
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