नयी दिल्ली, दो सितंबर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि 100 लाख करोड़ रुपये की गतिशक्ति योजना राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) कार्यक्रम के लिए एक रूपरेखा प्रदान करेगी और लॉजिस्टिक संबंधी लागत में कटौती तथा आपूर्ति श्रृंखला में सुधार करके भारतीय उत्पादों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
उन्होंने अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (एमचैम) की 29वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिका के बीमा और पेंशन कोष से भारत के सड़क क्षेत्र में निवेश करने का भी आह्वान किया।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा, "हमारी सरकार जल्द ही भारत में समग्र और एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक की प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना का राष्ट्रीय मास्टर प्लान शुरू करेगी।"
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान गतिशक्ति योजना की घोषणा की थी। यह पहल इसी महीने शुरू होने वाली है।
गडकरी ने कहा, "गतिशक्ति मास्टर प्लान एनआईपी कार्यक्रम के लिए रूपरेखा प्रदान करेगा और इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक संबंधी लागत में कटौती और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार करके भारतीय उत्पादों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना है।"
मंत्री के अनुसार, भारत के 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में बुनियादी ढांचे का विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा, "भारत की आपूर्ति श्रृंखला के बुनियादी ढांचे को गति मिल रही है। सरकार एनआईपी के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास में 1,400 अरब डालर का निवेश कर रही है।"
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